● बालाजी हॉस्पिटल मोवा रायपुर के ट्रॉमा सेंटर के मेल स्टाफ नर्स, मृतक की पत्नी,उसकी सहेली और धरमजयगढ़ निवासी एक अन्य पुरुष मित्र सहित कुल 4 आरोपी गिरफ्तार…..

● हॉस्पिटल की इमरजेंसी से चुराए एनेस्थीसिया की दवाइयों के ओवरडोज का इस्तमाल करने अपने पुरुष मित्रों संग प्लानिंग कर मृतक की पत्नी और सहेली ने ही दिया वारदात को अंजाम….


रायगढ़ । गत 16 जनवरी को रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र में स्थित धर्मजयगढ़ कॉलोनी के 33 वर्षीय युवक राजेश विश्वास का शव उसके घर पर संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ था जिसकी सूचना उसके अपने परिजनों द्वारा थाना धरमजयगढ़ में दी गई थी। चूंकि मृतक के शरीर पर या कपड़ो पर किसी प्रकार के खून इत्यादि के निशान नहीं थे इसलिए प्रारंभिक पूछताछ में परिजनों द्वारा हार्ट अटैक की संभावना जताई जा रही थी परंतु धरमजयगढ़ पुलिस द्वारा पंचनामा कार्यवाही दौरान मृतक के सीने में 6 बारीक निशान ऑब्जर्व किए जो किसी सिरिंज या सूईनुमा वस्तु से आना संभव प्रतीत हो रहा था। मामले के संदिग्ध दिखने के कारण पीएम की वीडियोग्राफी भी करवाई गई जिस दौरान जहां जहां निशान थे वहां के इंटरनल बॉडी पार्ट्स पर नुकसान होना दिखा विशेषकर हार्ट को चोट पहुंचने के कारण आंतरिक रक्तस्राव के कारण मृतक की मृत्यु होने की संभावना डॉक्टर्स द्वारा जताई गई । घटना का वृतांत थाना प्रभारी धरमजयगढ़ अमित तिवारी द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को बताकर मामले की सूक्ष्म जांच शुरू की गई। वहीं मामले की पेचीदगी और गंभीरता के मद्देनजर रायगढ़ एसएसपी सदानंद कुमार द्वारा एसडीओपी धरमजयगढ़ दीपक मिश्रा की मॉनिटरिंग में साइबर की एक टीम को भी साक्ष्य संकलन हेतु लगाया गया। प्रारंभिक पूछताछ में ही मृतक की पत्नी प्रिया विश्वास की भूमिका संदिग्ध लग रही थी क्योंकि मोबाइल में काफी डिलीटेड डाटा दिखा जिसे रिकवर करने के बाद घटना दिनांक के दौरान मिली गतिविधियों ने शक को और पुख्ता किया जिसके बाद प्रिया से हिकमत अमली से पूछताछ करने पर उसने हत्या की बात को स्वीकारते हुए वृतांत बताया तो सभी स्तब्ध रह गए। प्रिया और उसका पति राजेश कई महीने पहले पति राजेश के लीवर संबंधी समस्या के चलते मोवा रायपुर के बालाजी हॉस्पिटल गए थे जहां राजेश लगभग एक माह तक एडमिट रहा। वहीं उसकी पत्नी प्रिया और ट्रॉमा के स्टाफ नर्स फिरीज यादव उर्फ कृष के मध्य दोस्ती हुई ।

फिरिज यादव उर्फ कृष अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स में स्वयं को डॉक्टर होना बताता है और एक फर्जी झोलाछाप क्लिनिक का भी लोधीपारा क्षेत्र में संचालन करता है। प्रिया के बताए अनुसार जब भी राजेश को चेकअप कराने बालाजी हॉस्पिटल जाते इनकी मुलाकात होती और इस तरह दोस्ती और बातचीत का सिलसिला उसके बाद से चलता रहा। प्रिया के मुताबिक फीरिज उसका हमदर्द है जब भी उसका पति शराब पीकर उसे प्रताड़ित करता वह अपने दोस्त फिरिज से बात करके उसे बताती थी। वहीं प्रिया की बेस्ट फ्रेंड पड़ोस की पायल विश्वास भी फिरीज यादव से प्रिया के माध्यम से जुड़ने के बाद बातचीत करने लगी थी । प्रिया और पायल ने तय करके फिरिज से बात की और अपने एक अन्य दोस्त शेख मुईन खान निवासी धरमजयगढ़ को भी सारी बात समझाकर एनेस्थीसिया के ओवरडोज के जरिए राजेश की हत्या का प्लान बनाया ।

प्लान के मुताबिक फिरीज के रुकने की व्यवस्था करने पायल ने कुछ पैसे नगद और फोन पे के जरिए मुईन को दिए थे जिसने स्वयं के स्थानीय होने का फायदा उठाते हुए धरमजयगढ़ के होटल सीएम पार्क में अपनी आईडी से फर्जी गेस्ट के नाम से रूम बुक किया था । वहीं फिरीज यादव उर्फ कृष बस से 14 जनवरी को रात में धरमजयगढ़ पहुंचा और मुईन ने उसे होटल में रुकवाया बाद में व्हाट्सएप कॉल के जरिए बात करते हुए चारों ने 15 की रात तक राजेश की गतिविधियों और रूटीन पर नजर रखी । 15 जनवरी की रात को जब राजेश शराब पीकर सो गया उसके बाद प्रिया और पायल ने अपने साथियों मुईन और कृष को खबर की जिसके बाद मुईन अपनी मोटरसाइकिल पर बिठाकर कृष को धरमजयगढ़ कॉलोनी स्थित राजेश विश्वास के घर लेकर आया जहां पायल ने बाहर रेकी की तो प्रिया ने राजेश के पैरों को पकड़ा और मुईन ने हाथों को और झोलाछाप डॉक्टर फिरीज उर्फ कृष ने पहले से तैयार कर लाए दवाइयों के वाइल को राजेश के सीने में तीन जगहों पर इंजेक्ट कर दिया। राजेश की मृत्यु सुनिश्चित करने के लिए ओवरडोज बढ़ाने फिरिज ने राजेश के सीने में दुबारा तीन बार और इंजेक्ट किया। जिसके बाद राजेश विश्वास का शरीर शिथिल पड़ गया और 15 मिनट के इंतजार के बाद फिरिज उर्फ कृष ने राजेश की नब्ज चेक कर उसके मरने की पुष्टि की जिसके बाद सभी वापस चले गए।

मामले में धारा 302,201, 120बी के तहत अपराध दर्ज कर सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। थाना प्रभारी निरीक्षक अमित तिवारी के नेतृत्व में मृतक की पत्नी प्रिया विश्वास और उसकी सहेली पायल विश्वास को उनके धरमजयगढ़ के निवास से गिरफ्तार किया गया वहीं मुईन खान जो पहले भाग कर छाल क्षेत्र में छुपा था और भागने की फिराक में था उसे निरीक्षक अमित तिवारी की टीम ने छाल हाटी रोड पर घेराबंदी कर पकड़ा । वहीं घटना के बाद से फिरीज यादव उर्फ कृष रायपुर में छिपा था जिसे प्रिया विश्वास को उठाते ही भनक लग गई थी उसे पहले से रायपुर में मौजूद एसडीओपी दीपक मिश्रा ने जानकारी मिलते ही साइबर सेल के प्रधान आरक्षक बृजलाल गुर्जर आरक्षक रवि सिंह, नवीन शुक्ला और महेश पंडा को रायपुर बुलवाकर तथा रायपुर के स्थानीय एएसपी और क्राइम डीएसपी की मदद से पंडरी मोवा थाने के आरक्षक दुष्यंत कुमार बांधे, पवन कुमार साहू और मनीष साहू और क्राइम यूनिट के ASI प्रेमराज बारीक और कोतवाली के विक्रम वर्मा की मदद से रायपुर के लोधीपारा इलाके स्थित फर्जी क्लिनिक , फिरिज के किराए के मकान और हॉस्पिटल सभी जगह रेकी कर बाद में हॉस्पिटल के नजदीक से घेराबंदी कर उसे पकड़ा । पंडरी मोवा के स्थानीय युवा तरुण मार्कण्डेय की भी मुखबिरी फिरीज यादव की गिरफ्तारी में काम आई।

मामले में आरोपियों द्वारा प्रयुक्त रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल, बस टिकट, होटल के फुटेज , इस्तमाल किए गए ग्लब्स और सिरिंज, घटना समय फिरिज द्वारा पहने गए कपड़े, सभी के मोबाइल फोन इत्यादि साक्ष्य भी आरोपियों की निशानदेही पर जप्त किए गए हैं । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री सदानंद कुमार के दिशा निर्देशन एवं एडिशनल एसपी श्री संजय महादेवा के कुशल मार्गदर्शन पर थाना धरमजयगढ़ की सुपरविजन अधिकारी श्री दीपक मिश्रा के नेतृत्व में थाना प्रभारी धरमजयगढ़ निरीक्षक अमित कुमार तिवारी, चौकी प्रभारी रैरूमाखुर्द उप निरीक्षक ऐनु देवांगन, थाना धरमजयगढ़ के सहायक उप निरीक्षक अमृत मिंज, डेविड टोप्पो, महिला प्रधान आरक्षक सुदो भगत आरक्षक किशोर राठौर, पुष्पेंद्र सिदार, राजेंद्र राठिया, महिला आरक्षक प्रियंका मिंज, संगीता भगत तथा साइबर सेल के राजेश पटेल, दुर्गेश सिंह, बृजलाल गुर्जर, महेश पंडा, नवीन शुक्ला, विक्रम सिंह, हरीश पटेल, रवि सिंह, भूषण मिरी, जिला रायपुर क्राइम यूनिट के एएसआई प्रेमराज बारीक और कोतवाली के विक्रम वर्मा, मोवा थाने के आरक्षक दुष्यंत कुमार बांधे, पवन कुमार साहू और मनीष साहू की सराहनीय भूमिका रही है ।

गिरफ्तार आरोपी-

(1) फिरीज यादव, उर्फ कृष, उर्फ बब्लू उर्फ त्रिस यादव पिता बालेश्वर यादव उम्र 24 साल निवासी गोपाल भौना थाना कोसीर जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ हाल मुकाम दलदल सिवनी थाना मोवा जिला रायपुर (12वीं पास, MPW मेडिकल कोर्स पूर्व में RL हॉस्पिटल नर्सिंग स्टाफ और वर्तमान में बालाजी अस्पताल रायपुर में नर्सिंग का कार्य)

(2) शेख मुईन राजा पिता शेख अकरम परवेज 20 साल निवासी बेहरापारा वार्ड नंबर 9 धरमजयगढ़ थाना धरमजयगढ़ जिला रायगढ़ (10वीं पास ट्रैवल एजेंसी, कपड़ा दुकान में कार्य बाद वर्तमान में सिविल ठेकेदारी)

(3) प्रिया विश्वास पति स्वर्गीय राजेश विश्वास उम्र 22 साल निवासी धर्मजयगढ़ कॉलोनी वार्ड नंबर 1 थाना धरमजयगढ़ जिला रायगढ़ (9वीं तक की पढ़ाई, मृतक की पत्नी और साजिशकर्ता)

(4) पायल उर्फ मोनी विश्वास पति संजय विश्वास उम्र 28 साल निवासी धरमजयगढ़ कॉलोनी वार्ड नंबर 1 थाना धरमजयगढ़ जिला रायगढ़ (MA तक पढ़ाई, 2 वर्ष DAV स्कूल में टीचर रही, आरोपियां प्रिया विश्वास की सहेली)

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।