बिलासपुर, 26 जनवरी, 2024 को 75वां गणतंत्र दिवस समारोह का मुख्य कार्यक्रम महाविद्यालय परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. संजय दुबे, अध्यक्ष, शासी निकाय उपस्थित हुए।
कार्यक्रम की शुरूवात में सर्वप्रथम गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. संजय दुबे, अध्यक्ष, शासी निकाय द्वारा प्रभारी प्राचार्य डॉ. संजय सिंह की अगुवाई में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। तदुपरांत उन्होने महाविद्यालय की राष्ट्रीय कैडेट कोर (एन.सी.सी.) एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) के द्वारा तैयार आकर्षक मार्च-पॉस्ट की सलामी ली एवं परेड का निरीक्षण किया। तत्पश्चात् मुख्य अतिथि, प्राचार्य, पुलिस विभाग के कर्मचारियों द्वारा महाविद्यालय के पूर्व छात्र – श्री विनोद कौशिक, विवेक शुक्ला एवं दीपक भारद्वाज (उपनिरीक्षक) एवं विजय कुमार शुक्ला (आरक्षक) ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुये देश की रक्षा एवं अखण्डता हेतु अपने प्राण न्यौछावर किये। महाविद्यालय प्रशासन, पुलिस प्रशासन ने वीरगति को प्राप्त हुए पूर्व विद्यार्थियों के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किये।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. संजय दुबे ने अपने सम्बोधन में 75वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर उपस्थित शासी निकाय के सदस्यगण, महाविद्यालय परिवार, छात्र/छात्राओं को शुभकामनायें देतु हये कहा कि आज का यह दिन संविधान के प्रति हमारी आस्था और विश्वास को सुदृढ़ करना है साथ ही साथ लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के प्रसस्त मार्ग पर हमारे दायित्वों का बोध भी कराना है।


उन्होने कहा कि आजादी के बाद स्थापित बिलासपुर संभाग का सबसे बड़ा हमारा महाविद्यालय निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। छत्तीसगढ़ प्रदेश की प्रगति, उन्नति तथा समृद्धि के साथ शिक्षा जगत के क्षेत्र में यह महाविद्यालय महत्वपूर्ण शैक्षणिक स्तर पर सहभागी रहा है। महाविद्यालय की उपलब्धियों के बारे में बताते हुये उन्होने कहा कि हमें इस बात पर गर्व है कि हमारा महाविद्यालय सर्वाधिक विषयों, संकायों के स्नातक एवं स्नातकोत्तर तथा डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के साथ-साथ कौशल विकास उन्नयन केन्द्र एवं इग्नू का दूरस्थ शिक्षा केन्द्र भी संचालित है। छात्र-छात्राएं भी गर्व महसूस करें कि वे ऐसे महाविद्यालय में अध्ययनरत् है जिसके पास इतना विविध गौरवशाली शैक्षणिक इतिहास और समृद्ध उपकरण, भवन एवं अन्य संसाधन उपलब्ध है। छात्रों के शैक्षणिक स्तर के अलावा अच्छे चरित्र का निर्माण करना ही हमारा मुख्य उद्देश्य होना चाहिये, जो कि इस महाविद्यालय का मूलमंत्र भी है।
महाविद्यालय का शैक्षणिक विकास का सफर सभी शासी निकाय के सदस्यों एवं प्राध्यापकों तथा कर्मचारियों के सम्मिलित अथक प्रयासों से ही संभव हो सकता है।

इसके लिये उन्होने सर्वसंबंधितों का भी आभार जताया है। साथ ही महाविद्यालय से जुड़े आधारभूत संरचना और शैक्षणिक विकास पर बात करते हुए अन्य सुविधाओं की बढ़ोतरी के लिये प्रयास एवं कार्य के लिए भी यथा संभव निर्देशित किया गया है और इस दिशा मे प्रभारी प्राचार्य डॉ. संजय सिंह के सतत् सहयोग से प्रयास किये जा रहे है। उन्होने आगे कहा कि भारत की आत्मनिर्भर संकल्पना तथा ओकल फॉर लोकल की दिशा मे भी हमें आगे बढ़ना ही नहीं अपितु कार्य भी करना है।


इस अवसर पर माइक्रो बायोलौजी विभाग के द्वारा नेशनल सेमीनार आयोजित किये जाने पर विभागाध्यक्ष डॉ. स्मृति पाण्डेय का शॉल, श्रीफल से सम्मान किया गया। डॉ. सुमेला चटर्जी, सुश्री संगीता ताम्रकार के निर्देशन मे देश-भक्ति गीत एवं समूह नृत्य तथा डॉ. पी.एल. चन्द्राकर, डॉ. के.के. शुक्ला के मार्गदर्शन मे एन.एस.एस. के छात्र/छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, साथ ही प्रो. सुनीता असाटी, प्रभारी रेड क्रॉस, रेड रीबन के निर्देशन मे पोस्टर, निबंध एवं रंगोली प्रतियोगिता भी करायी गयी।


क्रीड़ाधिकारी डॉ. देवर्षि चौबे ने खेल-कूद एवं डॉ. पी.एल. चन्द्राकर ने एन.एस.एस. एवं प्रोफेसर रोहित लहरे ने एन.सी.सी. के क्षेत्र मे विश्वविद्यालय एवं राज्यस्तरीय तथा राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेने वाले के छात्र-छात्राओं का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।


मुख्य अतिथि ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि हमारे छात्र एवं छात्राएं सभी क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन किया है और महाविद्यालय का भी नाम रौशन किया है। मै भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहकर गणतंत्र दिवस समारोह के सभी गरिमामय कार्यक्रमों का आनन्द लिया।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।