▪️सुपेला पुलिस की सक्रियता से पकड़ाये आरोपी।

▪️आम जगह पर गाली गलौज करने से रोकने पर किया चाकू से जान लेवा हमला।

▪️आरोपियो के कब्जे से धारदार हथियार चाकू एवं डण्डा जप्त। ज्ञात हो कि दिनांक 28.01.2024 की रात्रि करीबन 07ः30 बजे आहत भरत गिरी गोस्वामी के घर के पास बने चबुतरा में भोला उर्फ हरिकेश चैहान, अंकेश चैहान एवं अन्य लोग बैठकर गाली गलौज कर रहे थे जिसे मना करने पर जान से मारने की नियत से चाकू से प्राणघातक हमला कर पेट में मारकर चोट पहुँचाये है। प्रार्थी कि रिपोर्ट पर अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जिला-दुर्ग राम गोपाल गर्ग के निर्देश पर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय (शहर) अभिषेक झा एवं नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर विश्व दीपक त्रिपाठी के मार्गदर्शन में दबंगई कर गुण्डागर्दी करने वालो के खिलाफ कार्यवाही करने निर्देश प्राप्त है। इसी तारतम्य में दिनांक 28.01.2024 को आहत को प्राणघातक हमला करने वाले आरोपियों का पता तलाश किया जा रहा था, इसी दौरान आरोपी भोला उर्फ हरिकेश चैहान, अंकेश चैहान, सचिन सोनकर उर्फ चिन्ना, संजीव चैहान को घेराबंदी कर राजीव नगर सुपेला से पकड़ा गया। आरोपीगणों को आज दिनांक 29.01.2024 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड में जेल भेजा


गिरफ्तार आरोपी:- 01. भोला उर्फ हरिकेश चैहान पिता सकल चैहान उम्र 20 साल निवासी राजीव नगर सुपेला, 02. अंकेश चैहान पिता सकल चैहान उम्र 23 साल निवासी राजीव नगर सुपेला, 03. सचिन सोनकर उर्फ चिन्ना पिता राजेश सोनकर उम्र 19 साल निवासी राजीव नगर सुपेला, 04. संजीव चैहान पिता धर्मेन्द्र चैहान उम्र 29 साल निवासी राजीव नगर सुपेला

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।