प्रधानमंत्री ने लगभग 41,000 करोड़ रुपये की 2000 से अधिक रेलवे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 19,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 553 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखी

लगभग 21,520 करोड़ रुपये की लागत से देश भर में 1500 रोड ओवर ब्रिज और अंडरपास का शिलान्यास और उद्घाटन किया ।

प्रधानमंत्री जी छतीसगढ़ राज्य में लगभग 2700 करोड़ रुपये की लागत से अमृत भारत स्टेशन के तहत पुनर्विकसित किए जा रहे 21 स्टेशनों का शिलान्यास तथा 83 रोड ओवर ब्रिज/ रोड अंडर ब्रिज का शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित किये ।

प्रधानमंत्री जी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में लगभग 2900 करोड़ रुपये की लागत से अमृत भारत स्टेशन के तहत पुनर्विकसित किए जा रहे 37 स्टेशनों का शिलान्यास तथा 185 रोड ओवर ब्रिज/ रोड अंडर ब्रिज का शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित किये ।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 41,000 करोड़ रुपये से अधिक की लगभग 2000 रेलवे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखी और राष्ट्र को समर्पित किया । 500 रेलवे स्टेशनों और 1500 अन्य स्थानों से लाखों लोग विकसित भारत विकसित रेलवे कार्यक्रम से जुड़े । इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जी ने छतीसगढ़ राज्य में लगभग 2700 करोड़ रुपये की लागत से अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित किए जा रहे 21 स्टेशनों तथा 83 रोड ओवर ब्रिज/ रोड अंडर ब्रिज का शिलान्यास/लोकार्पण किया । आज के समारोह में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत लगभग 2900 करोड़ की लागत से कुल 37 अमृत भारत तथा 185 रोड ओवर ब्रिज/ रोड अंडर ब्रिज का शिलान्यास/लोकार्पण किया । इन स्टेशनों में कोरबा, रायगढ़, राजनांदगांव, सरोना, भाटापारा, डोंगरगढ़, भिलाईनगर, हथबंध, बिल्हा, बैकुंठपुर रोड, अम्बिकापुर, उसलापुर, पेंड्रारोड, जांजगीर नैला, चांपा, बाराद्वार, दल्लीराझरा, भानुप्रतापपुर, निपनिया, मंदिरहसौद, भिलाई, बेलपहाड़, ब्रजराजनगर, शहडोल, उमरिया, अनुपपुर, बिजुरी, इतवारी, कांप्टी, आमगांव, भंडारा रोड, तुमसर रोड, मांडला फोर्ट, बालाघाट, नैनपुर, छिंदवाड़ा एवं सिवनी स्टेशन शामिल है । इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का कार्यक्रम नए भारत की नई कार्य संस्कृति का प्रतीक है । उन्‍होंने कहा, “भारत आज जो कुछ भी करता है, वह अभूतपूर्व तेजी से और बड़े पैमाने पर करता है । हम बड़े सपने देखते हैं और उन्हें साकार करने के लिए अथक परिश्रम करते हैं। यह संकल्प इस विकसित भारत विकसित रेलवे कार्यक्रम में दिखाई देता है ।” उन्होंने कहा कि 12 राज्यों के 300 जिलों में 550 रेलवे स्टेशनों का नवीनीकरण किया जा रहा है । 1500 से अधिक ओवरब्रिज/अं डर ब्रिज परियोजनाओं के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने नए भारत की महत्वाकांक्षा और संकल्प के पैमाने और गति को रेखांकित किया । प्रधानमंत्री ने कहा कि आज 40,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू हुई । इस अवसर पर उन्‍होंने कुछ महीने पहले अमृत भारत स्टेशन परियोजना की शुरुआत को याद किया, जहां देश में 500 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाने का काम शुरू हुआ था । उन्होंने कहा कि आज का कार्यक्रम इस संकल्प को और भी मजबूत करता है और भारत की प्रगति की गति की एक झलक प्रदान करता है । प्रधानमंत्री मोदी ने आज की रेलवे परियोजनाओं के लिए लोगों को बधाई दी । प्रधानमंत्री मोदी ने आज की विकास परियोजना के लिए भारत की युवा शक्ति को विशेष रूप से बधाई दी, क्योंकि वे ही विकसित भारत के वास्तविक लाभार्थी हैं । उन्होंने कहा कि आज की विकास परियोजनाओं से जहां लाखों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे, वहीं स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी फायदा होगा । प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं को यह तय करने का अधिकतम अधिकार है कि विकसित भारत कैसे आगे बढ़ेगा । उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से विकसित भारत में रेलवे के सपनों को साकार करने के लिए युवाओं के प्रति आभार व्यक्त किया और विजेताओं को बधाई भी दी । उन्‍होंने युवाओं को आश्वासन दिया कि उनके सपने और कड़ी मेहनत के साथ-साथ प्रधानमंत्री का संकल्प विकसित भारत की गारंटी है । प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि ये अमृत भारत स्टेशन विकास और विरासत दोनों के प्रतीक होंगे । उन्होंने बताया कि ओडिशा में बालेश्वर रेलवे स्टेशन को भगवान जगन्नाथ मंदिर की थीम पर डिजाइन किया गया है, सिक्किम के रंगपुर में स्थानीय वास्तुकला की छाप होगी, राजस्थान में सांगनेर स्टेशन 16वीं शताब्दी की हैंड-ब्लॉक प्रिंटिंग प्रदर्शित करेगा, तमिलनाडु में कुंभकोणम स्टेशन चोल प्रभाव को प्रदर्शित करेगा, अहमदाबाद स्टेशन मोढेरा सूर्य मंदिर से प्रेरित है, द्वारका स्टेशन द्वारकाधीश मंदिर से प्रेरित है, आईटी सिटी गुरुग्राम स्टेशन आईटी थीम पर आधारित होगा, जिसका अर्थ है कि अमृत भारत स्टेशन उस शहर की विशेषताओं को दुनिया से परिचित कराएगा । उन्‍होंने कहा कि ये स्टेशन दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के अनुकूल होंगे ।

पृष्ठभूमिप्रधानमंत्री ने अक्सर रेलवे स्टेशनों पर विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के महत्व पर जोर दिया है । इस प्रयास में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 553 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखी । 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले इन रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास 19,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया जाएगा । ये स्टेशन शहर के दोनों किनारों को जोड़ते हुए 'सिटी सेंटर' के रूप में कार्य करेंगे । इनमें रूफ प्लाजा, सुंदर भूदृश्य, इंटर मॉडल कनेक्टिविटी, स्‍टेशन का बेहतरीन अगला हिस्‍सा, बच्चों के खेलने का क्षेत्र, कियोस्क, फूड कोर्ट आदि जैसी आधुनिक यात्री सुविधाएं होंगी । इन्हें पर्यावरण अनुकूल और दिव्यांग अनुकूल के रूप में पुनर्विकसित किया जाएगा । इन स्टेशन भवनों का डिज़ाइन स्थानीय संस्कृति, विरासत और वास्तुकला से प्रेरित होगा । प्रधानमंत्री ने 1500 रोड ओवर ब्रिज और अंडरपास का शिलान्यास और उद्घाटन किया । 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले इन रोड ओवर ब्रिज और अंडरपास पर कुल लागत लगभग 21,520 करोड़ रुपये है । इन परियोजनाओं से भीड़भाड़ कम होगी, सुरक्षा और कनेक्टिविटी बढ़ेगी, रेल यात्रा की क्षमता और दक्षता में सुधार होगा ।


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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।