बिलासपुर। छत्तीसगढ़ी गद्य साहित्य के युग प्रवर्तक माने जाने वाले डॉ. पालेश्वर प्रसाद शर्मा की स्मृति में 17 मई 2026, रविवार को बिलासपुर में एक दिवसीय भव्य साहित्यिक आयोजन किया जाएगा। समन्वय साहित्य परिवार छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम दो सत्रों में प्रार्थना भवन, जल संसाधन विभाग परिसर, आईजी कार्यालय के पास दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित होगा।
आयोजन डॉ. शर्मा की 98वीं जयंती उपरांत स्मरणांजलि के रूप में समर्पित रहेगा। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में कृतियों का लोकार्पण, सम्मान एवं अलंकरण समारोह आयोजित होगा। मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा शामिल होंगे, जबकि अध्यक्षता पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के पूर्व प्रोफेसर एवं साहित्यकार डॉ. चित्तरंजन कर करेंगे।
विशिष्ट अतिथियों में डॉ. पुष्पा दीक्षित, डॉ. राजन यादव, दिनेश शर्मा, चंद्रप्रकाश बाजपेयी और डॉ. अजय पाठक शामिल रहेंगे। इस दौरान डॉ. पालेश्वर प्रसाद शर्मा की चर्चित कृतियों ‘छत्तीसगढ़ का इतिहास और परंपरा’ एवं ‘गुड़ी के गोठ’ सहित कई पुस्तकों का लोकार्पण किया जाएगा। साथ ही साहित्य, समाज और संस्कृति के क्षेत्र में योगदान देने वाले विशिष्ट हस्ताक्षरों को सम्मानित भी किया जाएगा। द्वितीय सत्र में डॉ. पालेश्वर प्रसाद शर्मा के साहित्यिक अवदान पर विमर्श और स्मरणांजलि सभा आयोजित होगी। कार्यक्रम में महेंद्र जैन, डॉ. उषाकिरण वाजपेयी, विजय मिश्रा ‘अमित’ समेत कई साहित्यकारों और सामाजिक हस्तियों को विभिन्न सम्मान प्रदान किए जाएंगे।
समन्वय साहित्य परिवार के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. देवधर महंत, बिलासपुर इकाई अध्यक्ष डॉ. गंगाधर पटेल ‘पुष्कर’ और संयोजक अनन्य शर्मा ने साहित्यप्रेमियों और प्रबुद्ध नागरिकों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की
