दिनांक 24.04.2024 को मुखबिर के सूचना के आधार पर उप निरीक्षक आर.एस.मिश्रा रेसुब पोस्ट भाटापारा के मार्गदर्षन में उप निरीक्षक सी.एस.मिश्रा रेसुब पोस्ट भाटापारा मातहत आरक्षक टी.राय के साथ सड़क मार्ग से पुलिस थाना हिर्री पहुंचे। जहॉ कुछ देर में सीआईबी/रायपुर के उप निरीक्षक बी.आर.साहु व सउनि यु.एस.श्रीवास भी पहुंचे। हिर्री थाना के प्रभारी श्री किशोर केवट निरीक्षक पुलिस थाना हिर्री को सूचित किया कि उनके क्षेत्राधिकार में पेण्ड्रीडीह बाईपास चौक स्थित एम.के.ट्रेडर्स नामक कबाड़ दुकान के संचालक मुस्तकीम खान के द्वारा रेलवे के लोहे का खरिदने व बेचने का कारोबार किया जा रहा है तो थाना प्रभारी द्वारा बताया गया कि उन्हे इसकी सूचना पुर्व में प्राप्त हुई है और उन्होने उक्त व्यक्ति व उसके ड्रायवर को तलब कर थाने में बुलाया है और पुछताछ किया जा रहा है। तब योजना बना कर थाने से थाना प्रभारी किशोर केवट व उनकेे मातहत उप निरीक्षक सुरेश शर्मा, प्रधान आरक्षक ब्रिजेश मिश्रा व आरक्षक जॉन टोप्पो को लेकर एक संयुक्त टीम बनाया गया और मुस्तकीम खान के दुकान पर दबिश दी गई उसके कबाड़ दुकान पहुँच कर उपस्थित गवाहों के समक्ष उसके स्वयं के उपस्थिती में चेक किया गया। तो चेकिंग के दौरान उसके दुकान मेे एक नग रेलवे का एसईजे एंगल प्राप्त हुआ।

उक्त एसईजे एंगल को अपने कब्जे में रखने हेतु वैध प्राधिकार पत्र दिखाने के लिए मांग करने पर उसके द्वारा किसी भी प्रकार का वैध दस्तावेज नही होना बताया और बताया की उसने इसे किसी चलते फिरते कबाड़ी से लगभग 10 दिन पहले खरिदा होगा लेकिन उसके बारे मे उसे याद नही है तथा भविष्य में भी उस व्यक्ति के बारे में नही बता सकता है। फिर उससे पुर्व में खरीदे गये अन्य रेलवे संपत्ति के बारे में पुछताछ करने पर उसने बताया की उसने रेलवे का कुछ और माल ट्रक में लोड करके भेज दिया है जिसे उस ट्रक के ड्रायवर द्वारा कहीं खड़ा कर रखा है। तब उसके कबाड़ दुकान में लगे कैमरे को चेक किया गया किन्तु उसमें इस बारे में किसी प्रकार का सबुत नही मिला। आगे पुछताछ करने पर उसके द्वारा रेलवे की संपत्ती को खरीदकर अवैध रूप से अपने कब्जे में रखने का अपराध स्वीकार किया।

तब मौके पर आवश्यक दस्तावेजी कार्यवाही पुरी कर पुनः ट्रक ड्रायवर से पुछताछ करने पर उसने अपना नाम व पता मो. पिरू शेख वल्द मो. ए.आर.शेख उम्र 41 वर्ष निवासी- वार्ड नंबर 15 खांडोबा पारा रतनपुर कोटा बिलासपुर छ.ग. बताया। उससे ट्रक के बारे में पुछताछ करने पर उसके द्वारा बताया गया कि उसने अपने ट्रक को आज लोड कर यहॉ से हटा कर कुछ दुर चौक के आगे खड़ा कर रखा है। उसकी निशानदेही पर पेण्ड्रीडीह बाईपास चौक के आगे रायपुर की ओर एक ट्रक क्रमांक सीजी12 सी-0878 को खड़ा होना पाया। जिसे मो. पिरू शेख द्वारा बताया गया कि यह ट्रक उसका है इसमें ही उसके द्वारा एम.के.टेडर्स से कबाड़ लोड कर उक्त स्थल पर राजहंस था जिसे उसके द्वारा ट्रक स्वयं ट्रक चेक करवाने पर सामने से नीचे की ओर कबाड़ के नीचे 1 नग लगभग 1.5 मीटर रेल लाईन व 6 नग रेलवे का फिस प्लेट दिखाई दिया। ट्रक पुरी तरह से अन्य प्रकार के कबाड़ से भरा हुआ था इसलिए रोड पर खाली करना संभव नही था। ट्रक के ड्रायवर मो पिरू शेख से उक्त रेल संपत्ति को अपने कब्जे में रखने के संबंध में वैध प्राधिकार की मांग करने पर वैध प्राधिकार पत्र दिखाने में असमर्थ रहा और बताया की भविष्य में भी वह इस संबंध में किसी भी प्रकार का वैध प्राधिकार नही दिखा सकता है।

तब आरोपी का स्वीकारोक्ती कथन दर्ज किया गया व उसके कब्जे से 1 नग लगभग 1.5 मीटर रेल लाईन व 6 नग रेलवे का फिस प्लेट व अन्य कबाड़ लगभग 10 टन को ट्रक क्रमांक सीजी-12 सी-0878 सहीत जप्त किया गया। मौके पर आवश्यक दस्तावेजी कार्यवाही पुरी कर जप्त संपत्ति व आरोपियों सहित आरपी(युपी) एक्ट की धारा 3(ए) के अपराध में इसी एक्ट की धारा 6 के अनुसार गिरफ्तार कर जप्त संपत्ति सहित रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट भाटापारा लाया गया एवं आरोपी गणों के विरूद्ध प्रभारी के आदेशानुसार दिनांक 24.04.2024को धारा 3(a) RP(up) ACT के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। जप्तशुदा रेल सम्पत्ति 1 नग एस.ई.जे एंगल, 01 नग लगभग 1.5 मीटर रेलवे लाईन व 6 नग फिस प्लेट की अनुमानित कीमत रू. 6700/-रू (. छः हजार सात सौ रूपये मात्र) है।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।