भगवान परशुराम जन्मोत्सव व अक्षय तृतिया पर जिला पंचायत सभापति अंकित गौरहा ने दी शुभकामनाएं…

जिला पंचायत सभापति अंकित गौरहा ने अक्षय तृतीया एवं परशुराम जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ,सुखी एवं समृ़द्ध जीवन की कामना की है। गौरहा ने कहा कि अक्षय तृतीया का दिन मांगलिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।

यह दिन दान-पुण्य वाला तथा सुख-समृद्धि को बढ़ाने वाला है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि जिस प्रकार भगवान परशुराम जी ने अन्याय और अत्याचार का अंत किया,उसी प्रकार हमें भी अपने जीवन में छुपी बुराइयों का अंत कर सच्चाई के मार्ग पर चलना चहिए

उन्होंने आगे कहा की भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना गया है। परशुराम जी शास्त्र एवं शस्त्र दोनों विद्या के महान ज्ञाता और अन्याय का विरोध कर पीड़ितों की सहायता करने वाले भगवान है। भगवान परशुराम के आदर्श युगों-युगों तक मानवजाति की प्रेरणा का केंद्र रहेंगे। अपने तप व पराक्रम से समाज में समता और न्याय की स्थापना करने वाले भगवान परशुराम के आदर्श युगों-युगों तक मानवजाति की प्रेरणा का केंद्र रहेंगे। आज उनका जन्मोत्सव संपूर्ण मानव जाति को उनके आदर्शों का अनुसरण करने का संदेश देती है।

भगवान परशुराम जी जन्मोत्सव के अवसर पर छत्तीसगढ़ी सरयूपारिय द्विज परिवार सेवा समिति राजकिशोर नगर के द्वारा भगवान परशुराम जी के प्रतिमा अनावरण पर व ब्रह्मण युवा आयाम के द्वारा आयोजित महाआरती व भंडारा के आयोजन में जिला जिला पंचायत सभापति गौरहा ने सम्मिलित होकर विप्र जनों को शुभकामनाएं दी व उनका आशीर्वाद लिया।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।