सेजेस रतनपुर _ स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम स्कूल रतनपुर के प्राचार्या सुश्री भारती त्रिवेदी निर्देशन में शिक्षकाें द्वारा, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर द्वारा हाल में घोषित हुए बोर्ड की परीक्षा में पूरक /अनुत्तीर्ण विद्यार्थीयों को उन्हें पढ़ाई जारी रखने का मार्गदर्शन प्रदान किया गया l

संस्था के प्राचार्य सुश्री भारती त्रिवेदी ने बच्चों की मनोस्थिति के अनुरूप उदाहरण देते हुए कहा कि,पूरे दुनिया में कई बड़े पदों पर बैठे कुछ ऐसे व्यक्तित्व भी है जो स्कूल की परीक्षा में किन्ही कारणों से अनुत्तीर्ण या कम नंबर से पास आउट हुए थे, लेकिन वे हताश नहीं हुए और आगे चलकर दुनिया के लिए उदाहरण बने। इसका ताजा उदाहरण हमारे हमारे बिलासपुर क्लेकटर महोदय श्री अवनीश शरण जी ने दसवीं की परीक्षा परिणाम में कम अंक प्राप्त करते हुए धैर्य का परिचय देते हुए यूपीसी परीक्षा के प्रथम प्रयास में 77वी रेंक लाकर मिसाल पेश किए है और आज हमारे जिले के कलेक्टर बनकर हम सभी के प्रेरणा स्रोत बन गए है।

बोर्ड परीक्षा प्रभारी मनोज यादव ने विद्यार्थियों को चाहिए कि वे अपने आप को नकारात्मक विचारों से दूर रखें l साथ ही उन्हें अपने परीक्षा परिणाम के अनुरूप पूरक एवम अनुतीर्ण छात्रों को उचित मार्गदर्शन देते हुए संतुष्ट न होने की स्थिति में पुनर्गणना/पुनर्मूल्यांकन एवम अपनी उत्तर पुस्तिका की छायाप्रति लेने के संबंध में विस्तृत जानकारी दिए। कई विद्यार्थी फेल होने के बाद प्रायः ऐसा सोचने लगते हैं कि वे आगे कुछ नहीं कर पाएंगे। उनकी जिंदगी बर्बाद हो गई है। इन नकारात्मक विचारों से दूर रहते हुए अपनी प्रतिभा को पहचाननें और धैर्य के साथ आगे पढ़ाई जारी रखने की जरुरत है जिसके प्रोत्साहन के लिए विद्यालय के शिक्षक प्रतिबद्ध है l शैक्षणिक मार्गदर्शन के लिए स्कूली बच्चें कभी भी बेझिझक सम्पर्क कर सकतें है l

लोकल परीक्षा प्रभारी कु वर्षा मनु ने बच्चो को उनके लाइफ में होने वाले चुनौती को स्वीकार करते आगे बढ़ते हुए कार्य करने की प्रेरणा दिए। स्कूली बच्चों के साथ ही आने वाले परीक्षा फॉर्म के संदर्भ में अपनी संशय भी दूर किया l

कक्षा 12 वी कला की कक्षा शिक्षिका एवम एन एस एस प्रभारी श्रीमती अनिता पटेल ने उपस्थित सभी छात्रों को हर पल, हर परिस्थिति में डटकर सामने करने की समझाइश देते हुए सामना करने की सलाह दिए।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।