अहिल्याबाई होल्कर जी को माहेश्वर के नर्मदा तट पर मानवंदना देते हुए विभिन्न रागों से निर्मित दस स्वर रचनाओं का घोष वादन किया।
*शिव संकल्प स्वरनाद* शिव-शंकर की आराध्या, धर्म-शांति- सत्य-पावित्र्य की संकल्पिता, पुनर्निर्माण की पर्याय, धर्म सनातन की संजीवनी, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी की 300वीं जन्म-जयंती वर्ष पर, 90 वर्ष की पूर्णता…
