850 ग्राम के 28 सप्ताह में जन्मे प्रीमैच्योर नवजात को मिला नया जीवनश्री शिशु भवन हॉस्पिटल में फिर गूंजी किलकारी
कहते हैं जब उम्मीदों की आखिरी किरण भी धुंधली पड़ने लगती है, तब इंसान केवल दुआ और चमत्कार का सहारा खोजता है…ऐसा ही एक चमत्कार एक बार फिर देखने को…
