वार्ड नहीं, पूरे शहर के लिए मांगा विकास बजट, नगरीय प्रशासन मंत्री से की मुलाकात


जहाँ एक ओर जनप्रतिनिधि अपने-अपने वार्ड के लिए बजट की मांग करते हैं, वहीं भिलाई शहर के उप नेता प्रतिपक्ष श्री दया सिंह ने एक अलग और दूरदर्शी दृष्टिकोण अपनाते हुए पूरे शहर के विकास की मांग की है। उन्होंने वैशाली नगर और भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी पाँच जोनों के विभिन्न वार्डों के लिए समेकित विकास प्रस्ताव तैयार कर छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव को सौंपा। 2801.65 लाख के 32 प्रमुख बड़े विकास कार्य की मांग पत्र और विकास कार्य का प्रस्ताव सौपा है।

काफ़ी समय तक चली इस महत्वपूर्ण बैठक में श्री दया सिंह ने शहर के प्रमुख मुद्दों और नागरिक सुविधाओं की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने साफ कहा कि भिलाई सिर्फ एक वार्ड या क्षेत्र नहीं, बल्कि एक बड़ा औद्योगिक और शैक्षणिक केंद्र है, और यहां के प्रत्येक वार्ड को समान रूप से मजबूत करना ज़रूरी है।

बैठक में जल निकासी, सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट, सामुदायिक भवन, उद्यान, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति जैसी मूलभूत सुविधाओं की समग्र स्थिति पर चर्चा हुई। श्री दया सिंह ने मांग की कि भिलाई के प्रत्येक जोन को उसके अनुसार पर्याप्त बजट मिले और सभी वार्डों में विकास कार्य प्राथमिकता के साथ शुरू किए जाएँ।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने श्री दया सिंह की इस पहल की सराहना करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि प्रस्ताव का शीघ्र परीक्षण कर आवश्यक बजट स्वीकृति की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार भिलाई जैसे महत्वपूर्ण शहर को सर्वांगीण रूप से विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस पहल से यह संदेश साफ है कि राजनीति सिर्फ पद और प्रभाव का साधन नहीं, बल्कि सेवा और दूरदृष्टि का माध्यम भी हो सकती है। श्री दया सिंह का यह कदम निश्चित रूप से भिलाई के समग्र विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।
इसमें प्रमुख विकास कार्यों की सूची में नेहरू नगर अंतर्गत कोषा नगर रेलवे स्टेशन शहरी गोठान के पश्चिम में नाला चैन लाइजिन 138.05 लाख, वार्ड 18 कॉन्टैक्टर कॉलोनी लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल और साक्षरता चौक तक सर्विस रोड का चौड़ी करन एवं डामरीकरण 120. 42 लाख,
जवाहर नगर वेंडिंग जोन से ज्योतिबा फुले चौक तक मार्ग का डामरीकरण एवं नाली निर्माण 110.67 लाख, करुण बस्ती से गोकुल नगर तक डामरीकरण एवं नाली निर्माण कार्य 198.82 लाख, जी रोड के समानांतर 18 नंबर रोड से लेकर बिहार होटल तक सर्विस रोड का निर्माण 51.70 लाख,
बैकुंठ धाम स्वागत द्वार से लेकर स्वास्थ्य कार्यालय तक एवं वार्ड 35 कृष्ण चौक से पप्पू चौक होते हुए एक नंबर पंप हाउस तक डामरीकरण कार्य 158.15 लाख, जी रोड से समानांतर चंद्र मौर्य टॉकीज से नगर निगम जोन 3 कार्यालय की सामने से बाजार शोरूम तक सर्विस रोड निर्माण कार्य 255.19 लाख रूपये सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए मांग पत्र सौपा है।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।