बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा बिलासपुर-झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन परियोजना के तहत चांपा स्टेशन और जांजगीर-नैला सेक्शन में महत्वपूर्ण रेल अधोसंरचना कार्य किए जा रहे हैं। इसके चलते जून 2026 में कई मेमू, पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया गया है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार बिलासपुर – झारसुगुड़ा के बीच 206 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन परियोजना पर कार्य जारी है, जिसमें 180 किलोमीटर से अधिक का काम पूरा किया जा चुका है। इस परियोजना से भविष्य में ट्रेनों की गति, समयबद्धता और यात्री सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है।
चांपा स्टेशन में चौथी लाइन को जोड़ने, नॉन इंटरकनेक्टिविटी और जांजगीर-नैला सेक्शन में ऑटो सिग्नलिंग कार्य 7 जून से 19 जून 2026 तक विभिन्न चरणों में किया जाएगा। इस दौरान रायगढ़-बिलासपुर, गेवरारोड-रायपुर, कोरबा-रायपुर समेत कई लोकल मेमू और पैसेंजर ट्रेनें अलग-अलग दिनों में रद्द रहेंगी।
इसके अलावा टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस, साउथ बिहार एक्सप्रेस, अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, हीराकुंड एक्सप्रेस सहित कई लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित रहेगा। कुछ ट्रेनों को पूरी तरह रद्द किया गया है, जबकि कुछ का मार्ग परिवर्तित किया गया है।
रेलवे प्रशासन ने बताया कि ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस और कुछ दुरंतो ट्रेनों को झारसुगुड़ा – टिटलागढ़-रायपुर मार्ग से चलाया जाएगा। वहीं कुछ ट्रेनों को बिलासपुर स्टेशन में ही समाप्त या प्रारंभ किया जाएगा तथा कई गाड़ियों को निर्धारित समय से देरी से रवाना किया जाएगा।
रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे यात्रा से पहले रेलवे हेल्पलाइन, स्टेशन पूछताछ या आधिकारिक वेबसाइट पर ट्रेन की अद्यतन स्थिति अवश्य जांच लें।
