सुडा ने सभी नगरीय निकायों को जारी किया परिपत्र, शिकायतों के निराकरण की शासन स्तर पर की जाएगी समीक्षा

बिलासपुर. 5 जून 2025. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) ने जन शिकायत निवारण प्रणाली (निदान-1100) में प्राप्त शिकायतों के समय-सीमा में निराकरण के लिए सभी नगरीय निकायों को नोडल अधिकारी और सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। सुडा ने समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण नहीं होने पर नाखुशी जाहिर करते हुए सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी कर नोडल अधिकारी और सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा है।

सुडा ने नगरीय निकायों को जारी परिपत्र में कहा है कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में जन समस्याओं से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए जन शिकायत निवारण प्रणाली ‘निदान 1100’ का प्रातः छह बजे से रात्रि आठ बजे तक संचालन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य निकाय क्षेत्र में निवासरत नागरिकों की साफ-सफाई, डोर-टू-डोर कचरा प्रबंधन, रोड, नाली, सीवर की सफाई, सेप्टिक टैंक की सफाई, स्ट्रीट लाइट, वाटर सप्लाई, भवन अनुज्ञा एवं अन्य शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करना है। परिपत्र में कहा गया है कि प्रायः यह देखा जा रहा है कि नागरिकों द्वारा निदान-1100 में दर्ज शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में नहीं किया जा रहा है। जन शिकायत निवारण प्रणाली ‘निदान 1100’ के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में नहीं होने से आम नागरिकों में निकायों की छवि धूमिल हो रही है। निकायों की खराब ग्रेडिंग शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में नहीं होने का प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह स्थिति अत्यंत खेदजनक है। भविष्य में निदान-1100 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निराकरण की समीक्षा शासन स्तर पर किया जाना है।

सुडा ने अपने परिपत्र में निदान-1100 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण के लिए नगर निगमों में मुख्यालय स्तर पर अपर आयुक्त या उप आयुक्त को नोडल अधिकारी तथा स्वास्थ्य अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। वहीं जोन कार्यालय स्तर पर जोन आयुक्त को नोडल अधिकारी और स्वास्थ्य अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा है। नगर पालिकाओं में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को नोडल अधिकारी तथा स्वास्थ्य अधिकारी या सफाई दरोगा या स्वच्छता निरीक्षक को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर पंचायतों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को नोडल अधिकारी और सफाई दरोगा या स्वच्छता निरीक्षक को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश सुडा ने दिए हैं।

नोडल अधिकारी या सहायक नोडल अधिकारी के स्थानांतरण या अन्य किसी स्थिति में उनके स्थान पर नवपदस्थ अधिकारी/कर्मचारी स्वतः नोडल अधिकारी या सहायक नोडल अधिकारी नामांकित होंगे। सुडा ने परिपत्र में दिए गए निर्देशानुसार सभी निकायों को नोडल अधिकारी और सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त कर सुडा के राज्य कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा है।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।