बिलासपुर जिले में अवैध रेत खनन के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई

कलेक्टर – एसपी के संयुक्त निर्देश पर हुई छापामार कार्रवाई

बिलासपुर,16 जून 2025/
अवैध रेत खनन के खिलाफ जिले में बड़ी कार्रवाई की गई। कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह के संयुक्त निर्देश पर पूरे जिले में एक साथ छापामार अभियान चलाया गया। इस दौरान अवैध परिवहन करते 42 वाहन धरे गए। डंपिंग किए गए और अवैध परिवहन करते हजारों घन मीटर अवैध रेत बरामद किया गया। राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग के छोटे से लेकर बड़े अफसर संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई के लिए टूट पड़े। सवेरे से लेकर शाम तक कार्रवाई जारी रही। इतनी बड़ी कार्रवाई से रेत माफियों में हड़कंप मच हुआ है। दरअसल कलेक्टर ने कल रात में खनिज टास्क फोर्स समिति की आकस्मिक बैठक ली थी। रात में ही उन्हें बेखौफ होकर अभियान चलाने के कड़े निर्देश दे दिए गए थे।


टास्क फोर्स कमेटी से मिले निर्देश के अनुरूप जिले के सभी क्षेत्रों में राजस्व , पुलिस एवं खनिज विभाग द्वारा संयुक्त रूप से रेत खदान क्षेत्रों व खनिज परिवहन कर रहें वाहनों की सघन जांच किया गया। आज की कार्यवाही में खनिज रेत का अवैध परिवहन करते पाये जाने पर जप्त कर 2 हाईवा थाना सरकंडा,3 हाईवा थाना मस्तूरी,6 हाईवा 2 ट्रेक्टर थाना पचपेड़ी, 2 ट्रेक्टर थाना बेलगहना,3 ट्रेक्टर थाना सिविल लाइन, 6 ट्रेक्टर 04 ट्राली थाना कोटा, 02 ट्रेक्टर थाना हिर्री, 03 ट्रेक्टर थाना कोनी, 04 ट्रेक्टर पकड़कर थाना चकरभाठा में पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है।


खनिज रेत का अवैध उत्खनन करते पाये जाने पर 1 जेसीबी 1चैन माउंटेन मशीन बेलगहना थाना क्षेत्र व 02 पोकलेन को पचपेड़ी थाना क्षेत्र में जप्त किया गया है। इसी तरह खनिज रेत के अवैध भंडारण के प्रकरण थाना सरकंडा क्षेत्र में 25 हाईवा, सिविल लाइन क्षेत्र में तीन अलग-अलग स्थानों में 31हाईवा, कोटा क्षेत्र में 2 जगह डम्प, मस्तूरी क्षेत्र में तीन स्थानों पर डम्प ,हिर्री क्षेत्र में पांच जगह में लगभग 450 ट्रेक्टर रेत डम्प ,कोनी क्षेत्र में चार जगह रेत डम्प का प्रकरण भी दर्ज किया गया है। आज की कार्यवाही में कुल 42 वाहनों को खनिजों के अवैध उत्खनन,परिवहन,भंडारण में संलिप्त पाये जाने पर जब्ती की कार्रवाई की गई है।

कोटा अनु विभाग के अंतर्गत 21 ट्रैक्टर एक जेसीबी एक पोकलैंड एवं ग्राम बड़े बरन में 20 ट्रैक्टर अवैध रूप से रेतडंपिंग करना पाया गया । सभी अवैध परिवहन कर रहे वाहनों को थाना प्रभारी के सुपुर्द किया गया है ।

डंपिंग किए गए रेत को संबंधित ग्राम पंचायत को सौंपा गया है। बिल्हा के अंतर्गत ग्राम मोहदा में अवैध रूप से रेत परिवहन करते हुए दो ट्रैक्टर जप्त किया गया एवं इस हिर्री थाने में खड़ा किया गया । साथ ही निषाद ट्रेडर्स द्वारा 60 ट्रैक्टर रेत डंप किया गया था जिसे जप्त किया गया। ग्राम अटर्रा में विभिन्न स्थानों पर अवैध रूप से लगभग ₹450 ट्रैक्टर रेत का भंडारण किया गया था जिसे भी पुलिस एवं राजस्व विभाग की टीम द्वारा जप्त किया गया। बोदरी में राजस्व एवं पुलिस टीम हिर्री माइंस के पास अवैध रेत परिवहन करते हुए एक ट्रैक्टर जप्त किया तथा पीरेया में अवैध परिवहन करते हुए तीन ट्रैक्टर को पकड़ा गया। तखतपुर राजस्व अनुविभाग के अंतर्गत ग्राम खटोलिया तथा ग्राम सफरी भाटा से अवैध रूप से उत्खनन कर रखे गए कल 1050 ट्रैक्टर ट्रॉली रेत की जब्ती की गई ।

इसे ग्राम सरपंच को सुपुर्द में दिया गया। इसी प्रकार शासकीय भूमि से बिना अनुमति के अवैध मुरूम उत्खनन करते हुए पाए जाने पर एक जेसीबी तथा एक ट्रैक्टर को ग्राम बीजा तहसील तखतपुर से जप्त किया गया। मस्तूरी सबडिवीजन के अंतर्गत पचपेड़ी क्षेत्र में हो रहे रेत के अवैध खनन एवं परिवहन पर कार्रवाई की गई जिसमें दो चैन माउंटेन 7 हाईवा एवं चार ट्रैक्टर पर कार्रवाई की गई। बिलासपुर सब डिवीजन के अंतर्गत ग्राम लोफांदी में लगभग 24 ट्रैक्टर ट्राली अवैध रूप से डंप रेत के अवैध भंडारण को जप्त कर ग्राम पंचायत और कोटवार के सुपुर्द किया गया। पंचनामा तैयार किया गया।

ग्राम कछार में संयुक्त टीम द्वारा रेट घाट का आकस्मिक निरीक्षण भी किया गया। राजस्व, पुलिस विभाग से प्रकरण,प्रतिवेदन प्राप्त होने उपरांत राजस्व,पुलिस,खनिज नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जावेगी। राजस्व , पुलिस एवं खनिज विभाग की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।