छत्तीसगढ़ में भाजपा के सरकार के गठन के बाद मंत्रिमंडल को लेकर लंबे समय से कवायद चल रही थी।जिसके बाद शुक्रवार को इसमें विराम लगते हुए छत्तीसगढ़ में नए मंत्रियों ने शपथ ली है।इस मंत्रिमंडल में नए और पुराने चेहरों का समंजस बैठाया गया है।राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंद्रन ने सभी को शपथ दिलाई।शपथ लेने वाले विधायकों में बृजमोहन अग्रवाल, रामविचार नेताम, दयालदास बघेल, केदार कश्यप, लखन देवांगन, श्याम बिहारी जयसवाल, ओपी चौधरी, टंकराम वर्मा, लक्ष्मी रजवाड़े शामिल किया गया है।

सबसे पहले बृजमोहन अग्रवाल ने शपथ ली।बृजमोहन अग्रवाल रायपुर दक्षिण से विधायक है और लगातार सात बार से जीत कर आ रहे है।रमन सरकार में भी मंत्री रहे है बृजमोहन अग्रवाल ।दूसरे में रामानुगंज से विधायक रामविचार नेताम ने शपथ ली।राज्यसभा सांसद के साथ रमन सरकार में मंत्री रहे।भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में भी जिम्मेदारी निभाई है।तीसरे में दयालदास बघेल ने शपथ ली।नवागढ़ से चुनाव जीतकर आए है।रमन सरकार में वाणिज्य मंत्री सहित कई मंत्रालय संभाल चुके है।तीसरी बार विधायक बने है। चौथे में केदार कश्यप ने शपथ ली।बस्तर के नारायणपुर से विधायक हे।रमन सरकार में स्कूल शिक्षा मंत्री के साथ अन्य विभाग संभाल चुके है।बस्तर का बड़ा आदिवासी चेहरा है ।

और स्व बली राम कश्यप के बेटे है।पांचवे में लखनलाल देवांगन ने शपथ ली।कोरबा से विधायक चुने गए है।कोरबा महापौर रहे।कटघोरा से विधायक रह चुके है।संगठन में भी जिम्मेदारी निभाई।कोरबा का कद्दावर मंत्री को हराकर आए है।पहली बार मंत्री बने है। छठवीं में श्याम बिहारी जयसवाल ने शपथ ली।मनेद्रगढ़ से विधायक बने है पहली बार मंत्री बने हे।संगठन में रहकर भाजपा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके है। सातवे में ओ पी चौधरी ने शपथ ली।कलेक्टर की नौकरी छोड़ भाजपा में शामिल हुए।2018 में खरसिया से चुनाव लडा और हार गए।2023में रायगढ़ से चुनाव लडा और जीते है।छत्तीसगढ़ भाजपा में महामंत्री रह चुके है।गृहमंत्री के करीबी रहे।

आठवें में लक्ष्मी रजवाड़े ने शपथ ली।भटगांव से विधायक बनी है।पहली बार विधायक बनी हैं।जिला पंचायत सदस्य के साथ जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा भी रही है। ओबीसी वर्ग से है। नावें में टंकराम वर्मा ने शपथ ली।बलौदा बाजार से विधायक बने है।30 साल राजनीति में सक्रिय रहे हे।मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और दयालदास बघेल के पीए रह चुके हे।रायपुर ग्रामीण जिलाध्यक्ष भी रह चुके हे

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।