● आरोपियों से अवैध हथियार के साथ करीब 5 किलो गांजा बरामद, थाना कोतवाली में आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट के साथ आर्म्स एक्ट की कार्यवाही…..

● पिस्टल के साथ गिरफ्तार आरोपी ओमप्रकाश खरसिया के चपले डकैती में भी था शामिल, लूट, डकैती के बाद अब गांजा तस्करी में था संलिप्त….


रायगढ़ । बीते शनिवार 13 जनवरी की रात कोतवाली पुलिस के हाथ केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड पर दो शातिर बदमाश हाथ आए हैं जिनके कब्जे से एक देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और 4 किलो 625 ग्राम गांजा बरामद हुआ है । दोनों आरोपी मजदूरी के काम के आड़ में गांजा तस्करी में संलिप्त थे । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री सदानंद कुमार के दिशा निर्देशन पर अवैध शराब, जुआ-सट्टा, गांजा और कबाड़ पर प्रभावी कार्रवाई करने के दिशा निर्देशों पर थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शनिप रात्रे द्वारा मुखबीरों को सक्रिय कर सूचना देने लगाया गया है, जिनसे प्राप्त सूचनाओं पर कोतवाली पुलिस लगातार अवैध शराब, जुआ-सट्टा पर कार्रवाई कर रही है । इसी क्रम में कल दिनांक 13.01.2024 को निरीक्षक शनिप रात्रे मुखबिर से सूचना मिली कि तुरीपारा दर्राडीपा में रहने वाला ओमप्रकाश जांगड़े और उसके साथी गोविंद भट्ट की गतिविधियां संदिग्ध है, मुखबिर ने दोनों पर गांजा तस्करी का संदेह व्यक्त किया गया । थाना प्रभारी कोतवाली ने दोनों संदेहियों पर निगाह रखने अपने स्टाफ लगा रखे थे, शाम करीब 06:00 बजे दोनों संदेहियों को दो प्लास्टिक बोरी में संदिग्ध वस्तुओं के साथ केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड पर देखे जाने की सूचना मिली । तत्काल थाना प्रभारी कोतवाली द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर टीम तैयार किया । थाना प्रभारी द्वारा टीम में शामिल स्टाफ को रेड कार्यवाही के संबंध में ब्रीफ किये । शाम करीब 06.00 बजे कोतवाली पुलिस टीम द्वारा केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड के यात्री प्रतीक्षालय के सभी एंट्रेंस मार्ग पर घेराबंदी कर एकाएक अंदर रेड कार्यवाही किया गया जहां मुखबीर के बताये दो संदेही युवक ओमप्रकाश जांगड़े उर्फ अन्नु और गोविंद भट्ट को पकड़ा गया । पुलिस टीम द्वारा संदेहियों को एनडीपीएस एक्ट की कार्यवाही के बारे में जानकारी देकर उन्हें पूरे स्टाफ की तलाशी दी गई और फिर गवाहों के समक्ष दोनों संदेहियों और उनके पास रखे प्लास्टिक बोरी को चेक किया गया । संदेही ओम प्रकाश जांगड़े के पास रखे प्लास्टिक बोरी अंदर तीन पन्नी पैकेट मादक पदार्थ, एक पिस्टल और संदेही गोविंद भट्ट के पास एक रखे प्लास्टिक बोरी में दो पन्नी पैकेट में मादक पदार्थ एवं दो जिंदा कारतूस मिला, मादक पदार्थ की पहचान गांजे के रूप में हुई । दोनों आरोपियों को तत्काल सुरक्षा घेरे में लेकर थाना कोतवाली लाया गया । आरोपियों से जप्त मादक पदार्थ गांजा का तौल करने पर कुल 4 किलो 625 ग्राम गांजा कीमती 70000 रुपए तथा एक स्टील बॉडी पिस्टल और 02 जिंदा कारतूस बरामद हुआ । आरोपियों पर थाना कोतवाली में 20 (बी) एनडीपीएस एक्ट एवं धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट की धाराओं पर कार्यवाही किया गया है । आरोपियों से विस्तृत पूछताछ में जानकारी मिली कि (1) आरोपी ओम प्रकाश जांगड़े उर्फ अन्नु पिता पारस राम जांगड़े उम्र 33 साल मूल निवास परसाडीपा थाना जैजेपुर जिला सक्ती वर्तमान पता तुरीपारा दर्राडीपा थाना कोतवाली जिला रायगढ़ एवं आरोपी (2) गोविंद भट्ट पिता झाडूराम भट्ट उम्र 27 साल निवासी इंदिरा नगर देवार पारा थाना कोतवाली रायगढ़, दोनों साथ में मजदूरी काम के आड़ में गांजा तस्करी में लगे हुए थे । ओमप्रकाश जांगड़े रायगढ़ के पते पर आधार कार्ड बना लिया है ।

आरोपियों के संबंध में सीमावर्ती जिलों से जानकारी लेने पर आरोपी ओमप्रकाश जांगड़े वर्ष 2004-05 में थाना खरसिया क्षेत्र अंतर्गत चपले डकैती कांड में आरोपी रहा है जिसे खरसिया पुलिस चालान की है । आरोपी इसके बाद से ही आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा । आरोपी ने बताया कि उसने उड़ीसा डकैती गैंग के चिंया से संपर्क कर पिस्टल लिया था और उसने गांजा तस्करी में गोविंद भट्ट को शामिल किया । कल रात्रि दोनों गांजा लेकर बस स्टैंड में बस के इंतजार में थे, बस से आगे जाकर किसी अन्य पार्टी को गांजा डिलीवरी का प्लान था । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार के दिशा निर्देशन एवं एडिशनल एसपी संजय महादेवा के मार्गदर्शन पर कोतवाली पुलिस आरोपियों के पूरे लिंक का पर्दाफाश करने में लगी है । गांजा रेड की संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शनिप रात्रे, की अहम भूमिका रही।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।