कलेक्टर-एसपी ने ली अफसरों की आपात बैठक, आदर्श आचरण संहिता का पालन करने और कराने दिए निर्देश

अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश पर लगा प्रतिबंध, थानों में हथियार जमा कराने के निर्देश

निष्पक्ष रहकर चुनाव संबंधी कामों को अंजाम दे अधिकारी


निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के तत्काल बाद कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अवनीश शरण ने अधिकारियों की आकस्मिक बैठक ली। उन्होंने आदर्श आचरण संहिता की जानकारी देकर उन्हें पालन करने और करवाने के निर्देश दिए। कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही जिले में आदर्श आचरण संहिता लागू हो गई है, जो कि 6 जून 2024 तक प्रभावशील रहेगी। आचरण संहिता के दौरान क्या करना है, और क्या नहीं करना है, इसके बारे में विस्तार से बताया गया।


कलेक्टर श्री शरण ने बताया कि तीसरे चरण में बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के लिए मतदान होगा। मतदान 7 मई 2024 और मतगणना 4 जून 2024 को होगा। नामांकन भरने का काम जिला कार्यालय में 12 अप्रैल से शुरू होगा, जो कि 19 अप्रैल तक संपन्न होगा। संपत्ति विरूपण अधिनियम के अंतर्गत बैनर, पोस्टर हटाने के निर्देश दे दिए गए हैं। एजेन्सियों द्वारा प्रतिदिन इसकी रिपोर्टिंग की जाएगी। कोई भी शासकीय कर्मचारी अवकाश पर नहीं जायेगा। अवकाश प्रतिबंधित कर दिए गये हैं।

विशेष परिस्थिति में जिला निर्वाचन कार्यालय की अनुमति से ही अवकाश दी जा सकेगी। कोई भी अधिकारी कर्मचारी राजनीतिक व्यक्तियों के साथ संलग्नता अथवा उनका प्रचार-प्रसार नहीं करेगा। सभी अधिकारी अपनी विभागीय शासकीय वाहन दुरूस्त कर लें। कार्यालय अथवा सरकारी वेबसाईटों पर किसी राजनीतिक व्यक्ति का नाम अथवा तस्वीर नहीं रहनी चाहिए। इसे तत्काल प्रभाव से हटाएं। विश्राम गृह में कोई राजनीतिक व्यक्ति ठहर नहीं सकेगा। और न ही राजनीतिक दलों की बैठक होगी।


कलेक्टर ने बताया कि तबादला उपरांत जो कर्मचारी कार्यमुक्त नहीं हुए हैं, चुनाव संपन्न होते तक वे कार्यमुक्त नहीं हो सकेंगे। इस दौरान किसी कर्मचारी की ज्वाइनिंग भी नहीं होगी। शासकीय कामों की प्रशासनिक स्वीकृति जारी नहीं की जायेगी। नये निविदा जारी नहीं किये जाएंगे और न ही फाइनल किये जाएंगे। लेकिन जो काम शुरू हो चुके हैं, वे चलते रहेंगे। महापौर एवं जिला पंचायत अध्यक्ष के वाहन वापस कार्यालय में जमा हो जाएंगे।

उन्होंने 24 घण्टे, 48 घण्टे और 72 घण्टे में हटाए जाने वाले प्रचार-प्रसार की जानकारी देकर समय-सीमा में अनिवार्य रूप से हटाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मतदाता जागरूकता के कार्यक्रम तेजी से चलाने को कहा है। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि आयोग की दिशानिर्देशों वाली पुस्तिका सभी अच्छी तरह से पढ़ लें। आयोग ने छोटी से छोटी चीजों के बारे में स्पष्ट निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा कि अधिकारी चुनाव संबंधी हर स्तर के काम में निष्पक्ष रहें। उनकी निष्पक्षता सबकों दिखना भी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी चुनाव के अनुरूप अपनी मानसिकता बना लें। स्पष्ट किया के रूटिन के सभी विभागों के काम चलते रहेंगे। लेकिन आचार संहिता तक कलेक्टर जनदर्शन स्थगित रहेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने वाले सभी तत्वों से सख्ती से निपटा जायेगा।


पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बैठक में कहा कि लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए हरसंभव उपाय किये जाएंगे। पुलिस एवं प्रशासन आपसी तालमेल के साथ सामूहिक नेतृत्व भावना के साथ काम करेगी। आपराधिक तत्वों के साथ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई में तेजी लाई जायेगी। चुनाव संबंधी पुराने अपराधों की भी एक बार खंगाल लें।

अवैध नगदी, मदिरा एवं अन्य सामग्रियों के वितरण पर रोक लगाने के लिए एफएसटी एवं एसएसटी टीमें भी तैनात रहेंगी। फोर्स के ठहरने की व्यवस्था के लिए स्थल अभी से चिन्हित कर लिये जाएं। सभी प्रकार के हथियार थानों में जमा कराएं। उन्होंने बताया कि पिछले विधानसभा चुनाव में लगभग 72 करोड़ की सामग्री बरामद हुई थी।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।