राजधानी रायपुर स्थित पहुना राजकीय अतिथि गृह में आज एसईसीएल सीएमडी डॉ प्रेम सागर मिश्रा ने माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ श्री विष्णुदेव साय से सौजन्य भेंट की ।
इस अवसर पर सीएमडी एसईसीएल ने छत्तीसगढ़ के सर्वोन्मुखी विकास में एसईसीएल की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि एसईसीएल परिवार, सतत आपके मार्गदर्शन व सहयोग का आकांक्षी है ।
उन्होंने सीएसआर , रेल कॉरिडोर परियोजनाओं , एफ़एमसी प्रोजैक्ट्स आदि के ज़रिए किए जा रहे विभिन्न विकासात्मक कार्यों की भी जानकारी दी । गत वर्ष एसईसीएल ने राजकोष में लगभग 5000 करोड़ रुपये का राजस्व जमा कराया था जो इस वर्ष बढ़कर लगभग 6000 करोड़ रुपये होने की आशा है । पिछले पाँच वर्षों सीएसआर के अंतर्गत एसईसीएल ने छत्तीसगढ़ के विकास पर लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत की परियोजनाएँ कार्यान्वित की है जो शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी विकास आदि कई क्षेत्रों से सम्बंधित हैं ।

लगभग 10, 000 करोड़ की लागत से विकसित की जा रही एसईसीएल की रेल कॉरिडोर परियोजनाएँ राज्य के सुदूर अंचलों में विकास के अग्रदूत बनेंगे । इसके ज़रिए 300 किलोमीटर से अधिक के रेल नेटवर्क का विकास किया जा रहा है । सतत धारणीय विकास अंतर्गत सूरजपुर ज़िले में बिश्रामपुर एवम् भटगाँव क्षेत्र में विकसित की जा रही 40 मेगावाट की ग्राउण्ड माउण्टेड ग्रिड कनेक्टेड सोलर परियोजना कोयलांचल के सबसे बड़े सोलर प्रोजैक्ट्स में से एक हैं । कोरबा कोलफ़ील्ड्स में 3 नए ईको पार्क की स्थापना की जा रही है वहीं मानिकपुर पोखरी को ईको टूरिज्म साईट के रूप में विकसित किया जा रहा है ।
माननीय मुख्यमंत्री जी ने राज्य शासन की ओर से सतत सहयोग का आश्वासन देते हुए प्रगति की शुभकामनाएँ दी ।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।