राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ की बहनों ने अक्षय तृतीया पर 11 निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह मैं सहयोग किया
यदुनंदन नगर स्वर्णिम सेवा संस्थान में अक्षय तृतीया पर 11 निर्धन कन्याओं का विवाह समारोह रखा गया जिसमें राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ जिला बिलासपुर की बहनों ने सेवा से सहयोग के लिए हाथ बढ़ाया और सेवा संस्थान में राशन सामग्री में 75 किलो चावल और 50 किलो आटा सभी कन्याओं के लिए 21 साड़ियां 11 डबल बेड शीट 21 जोड़ी बिछिया 21 जोड़ा सुहाग पिटारा एवं 11 बर्तन देकर समाज की ओर से विवाह समारोह में भाग लिया राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ जिला बिलासपुर की अध्यक्ष अर्चना तिवारी एवं संभाग प्रभारी मीनू दुबे कोषाध्यक्ष संजना मिश्रा ने पूरे विवाह समारोह कार्यक्रम का संचालन किया जिसमें संभाग प्रभारी मीनू दुबे के द्वारा 11 पंखा एवं परिवार से ₹1100जिला अध्यक्ष अर्चना तिवारी के द्वारा 11 जोड़ी बिछिया साड़ी सुहाग पिटारा कोषाध्यक्ष संजना मिश्रा के द्वारा 1100 रुपए साड़ियां समाज की ही सक्रिय बहन नंदिनी तिवारी के द्वारा ₹10000 रश्मि द्विवेदी जी के द्वारा 11 साड़ियां 501 रुपए समाज की ही सक्रिय बहन के द्वारा गुप्त दान 11 साड़ियां सुहाग पिटारा उपाध्यक्ष शशि प्रभा पांडे के द्वारा ₹1100 तीन पैंट शर्ट साड़ियां 16 श्रृंगार की सामग्री एवं परिवार से ₹2100 लता दुबे के द्वारा ₹2100 दो साड़ियां और 16 सिंगार की सामग्री प्रदेश उपाध्यक्ष संगीता शर्मा जी ने₹1100 5 बर्तन साड़ी परशुराम समाज से भारती तिवारी ने बेडशीट साड़ी शृंगार सामग्री 6 थाली सपना गुप्ता ने 11 डबल बेड शीट प्रेमलता दुबे के द्वारा ₹1100 साड़ी श्रृंगार सामग्री 30 किलो चावल अर्चना शुक्ला ₹1100 शशि तिवारीमाया बाजपेई रश्मि शुक्ला साधना दुबे सचिव नैना पांडे सुभधा पांडे निर्मला शर्मा दिव्या पुष्पा शुक्ला सभी बहनों की तरफ से ₹501 रुपए साड़ी श्रृंगार सामग्री दी गई
राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ जिला बिलासपुर की बहनों ने सामूहिक विवाह में भाग लेकर कन्याओं को अक्षय तृतीया पर शुभाशीष दिया

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।