बिलासपुर भारत सरकार के खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय के निर्देशानुसार गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी अंचल के प्रतिष्ठित सीएमदुबे स्नातकोत्तर महाविद्यालय बिलासपुर की एनएसएस की दोनों इकाईयों का 7 दिवसीय विशेष शिविर गोद ग्राम नेवसा विकासखंड कोटा जिला बिलासपुर में दिनांक 16 से 22जनवरी तक आयोजित हैं। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य नशा मुक्त समाज के लिये युवा हैं। इसके अलावा शिविर में सम्मिलित लगभग 90 स्वयं सेवक ग्राम नेवसा में नाली निर्माण तालाब गहरीकरण शिव मंदिर का निर्माण वृक्षारोपण रैली एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं गर्म कपड़े का दान के माध्यम से सेवा एवं जागरूकता कार्यक्रम 7 दिवस तक चलायेंगे।


7 दिवसीय विशेष शिविर में छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर एवं राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई सीएमदुबे महाविद्यालय बिलासपुर के संयुक्त तत्वाधान में नेवसा के साथ.साथ आसपास के 10 ग्रामों में हाईटेक बस के द्वारा नशा मुक्ति हेतु विशेष अभियान चलाया जायेगा।
इस शिविर दल को आज सीएमदुबे महाविद्यालय प्रांगण से छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव आनंद प्रकाश वारियाल और डॉ संजय दुबे अध्यक्षए शासी निकाय सीएमदुबे महाविद्यालय बिलासपुर के द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के उप सचिव गिरिश मंडावी सीएमदुबे महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ संजय सिंह उपस्थित थे।
सदस्य सचिव वारियाल ने इस अवसर पर उपस्थित स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा एक ऐसी समस्या है जिसका असर व्यक्ति के जीवन के हर पहलू पर पड़ता है। यह अस्थायी सुख के लिये लोगों को दिलासा देता हैए लेकिन वास्तविकता में यह उन्हें खुद को और उनके परिवार को नुकसान पहुंचाता है। इसलिये नशा मुक्ति एक महत्वपूर्ण उपकरण हैए जो व्यक्ति को नशा से मुक्त करके उसे समृद्ध स्वस्थ और समाजसेवी बनाता है। आज नशीले पदार्थो के सेवन को लोग बड़प्पन का प्रतीक मान रहे हैंए जबकि यह सर्वथा गलत हैं। इस मिथक को हमारे युवा समाज से दूर करेंगे।

शिविर की सफलता के लिये मेरी अग्रिम शुभकामनाएं।
डॉण् संजय दुबे ने इस अवसर पर उपस्थित स्वयं सेवको को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र में संपूर्ण स्वच्छता के लिये बाह्य स्वच्छता के साथ.साथ मानसिक एवं आंतरिक स्वच्छता भी आवश्यक हैं। हमारे महाविद्यालय के एनण्एसण्एसण् इकाई के द्वारा गत कई वर्षो से गोद ग्राम नेवसा में बाह्य और आंतरिक स्वच्छता लाने का प्रयास किया जा रहा हैं। पिछले वर्षो में हमारी इकाई के द्वारा शौचालय निर्माणए सड़क निर्माणए गार्डन निर्माण एवं तालाब निर्माण किया गया हैं। इस शिविर के माध्यम से नेवसा एवं आस पास के ग्रामीणों में बढ़ते हुए नशीले पदार्थो के सेवन से उत्पन्न विविध सामाजिक बुराईयों के निदान के लिये चलित हाईटेक बस के माध्यम से हमारे स्वयं सेवको द्वारा नशा मुक्ति का पुनित जागरूकता कार्यक्रम नियोजित ढंग से चलाया जायेगा। मैं अपने महाविद्यालय के स्वयं सेवको को इस अभियान की सफलता के लिये अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं। साथ ही इस अभियान में छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के सहयोग के लिये आभार प्रकट करता हूं।


प्रभारी प्राचार्य डॉण् संजय सिंह ने बताया कि गोद ग्राम नेवसा में शिविर शासकीय प्राथमिक शाला में आयोजित होगा। इस शिविर का मार्गदर्शन कार्यक्रम अधिकारी डॉण् पीण्एलण्चंद्राकर एवं डॉण् केण्केण्शुक्ला करंेगे। साथ ही सहयोग के लिये एक महिला प्राध्यापक एवं एक पुरूष प्राध्यापक शिविर मंे साथ रहेंगे। शिविर में सम्मिलित लगभग 90 स्वयं सेवको के लिये आवश्यक सुविधाएं मुहैया करायी गयी हैं। सभी नियमों के पालन का ध्यान रखा गया हैं। उत्कृष्ट कार्य हेतु एनण्एसण्एसण् के अधिकारियों एवं स्वयं सेवको को अग्रिम शुभकामनाएं।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।