बिलासपुरः आज दिनांक 19 जनवरी 2024 को सी. एम. दुबे स्नातकोत्तर महाविद्यालय में वार्षिक स्नेह सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री अरुण साव, माननीय उपमुख्यमंत्री, छ.ग. शासन थे। विशिष्ठ अतिथि के रुप में श्री रामदेव कुमावत, जिलाध्यक्ष भाजपा, श्री संजय रजक, श्री राजेश सिंह, नेता प्रतिपक्ष, श्री एस. पी. चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष शासी निकाय, श्री अमन दुबे, सदस्य, शासी निकाय उपस्थित थे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य अतिथि श्री अरुण साव जी तथा विशिष्ठ अतिथियों के द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्जवलन तथा मार्ल्यापण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया एवं महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।

माननीय मुख्य अतिथि श्री अरुण साव जी तथा विशिष्ठ अतिथियों का प्रशासकीय समिति के अध्यक्ष डॉ. संजय दुबे जी, प्राचार्य डॉ. संजय सिंह, बी.एड. प्रभारी श्रीमती अंजली चतुर्वेदी एवं छात्र-छात्राओं के द्वारा पुष्प् गुच्छ स्वागत किया गया।

प्रशासकीय समिति के अध्यक्ष डॉ. संजय दुबे जी के द्वारा स्वागत उद्बोधन किया गया। उन्होनें यह कहां कि उनके पूर्वजों के द्वारा छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इस महाविद्यालय की स्थापना 1956 में की गई थी। उन्ही के आर्शीवाद से मैं इस कार्य को संपादित कर रहा हूं। महाविद्यालय लगभग 70 वर्ष पूर्ण कर चुका है और प्रदेश मंे मुख्य महाविद्यालय के रुप में सथापित है। उन्होनें यह कहां कि इस महाविद्यालय में सभी प्रकार के छा़त्र-छात्राएं अध्ययन करते है उनकी सुविधा के लिए संपूर्ण ध्यान रखा जाता है एवं अध्ययन-अध्यापन के साथ खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे वार्षिक उत्सव आवश्यक हो जाते है जिसमें छात्र-छात्राओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त होता है। मुझे इस बात की खुशी है कि छात्र-छात्राओं के द्वारा सी. एम. डी. टेक फेस्ट का भी शुभारंभ किया गया।

शासी निकाय उपाध्यक्ष श्री एस. पी. चतुर्वेदी जी ने अपने उद्बोधन में कहां कि यह महाविद्यालय आपका अपना महाविद्यालय है इस महाविद्यालय को अपना मानते हुए जो भी समस्याएं आ रही है उन्हें दूर करने का प्रयास करें। उन्होनें अपने उद्बोधन में यह भी कहां कि इस महाविद्यालय से अनेक छात्र-छात्राएं शिखर पर पहुंच कर महाविद्यालय का नाम रोशन कर रहे है जैसे बालादित्य, एयर मार्शल पद पर सुशोभित रहे। इस महाविद्यालय के छात्र अनूपरंजन पान्डेय बस्तर बैण्ड को पद्य श्री से सम्मानित किया गया। श्री राजीव सिंह ठाकुर भारत सरकार के उप सचिव रक्षा के पद पर कार्यरत् है। श्री मैथ्यू वर्गिस, डी.जी.पी., मणिपुर के पद पर आसीन है। श्री चतुर्वेदी जी ने यह भी कहां कि महाविद्यालय के विकास के साथ-साथ शहर के विकास के लिए भी अपना सुझाव दिया।

माननीय मुख्य अतिथि श्री अरुण साव जी ने अपने ओजस्वी वाणी में छात्र-छात्राओं को संदेश दिया कि अपनी सीमाओं को ना बांधे बल्कि अपनी सीमाओं का खुला आसमान रखें एवं अनंत ऊंचाईयों को हासिल करें। उन्होनंे भूतपूर्व राष्ट्रपति स्व. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की स्मृतियों को याद करते हुए कहां कि उन्हें उनकी योग्यता के आधार पर भारत सरकार ने राष्ट्रपति बनाया। उन्होनें वर्तमान प्रधानमंत्री सम्माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी का उदाहरण देते हुए कहां कि छात्र-छात्राओं को यह संदेश दिया कि वो देश की दशा एवं दिशा बदलने में सक्षम है। कोरोना काल को याद करते हुए उन्होनें कहां कि कोरोना की वैक्सीन भारत देश के अलावा विदेशों में मानव सहायता के रुप में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होनें आगे यह भी कहां कि भारत वर्ष सदैव विश्व गुरु रहा है । 1893 में स्वामी विवेकानंद जी ने शिकागो विश्व धर्म सम्मेलन में भारतवर्ष की जिस आध्यात्मिक शक्ति का उद्घोष किया था आज 21 वी शताब्दी में उस शक्ति का विस्फोट पूरी दुनिया देख रही है। भारतवर्ष विश्व का अकेला ऐसा देश है जो वसुधैव कुटुम्बकम् की अवधारणा को लेकर चलता है। उन्होनें छात्र-छात्राओं का हौसला बढ़ाते हुए कहां कि वे देश के भविष्य है और हम उनसे देश के विकास में योगदान की उम्मीद रखते है। माननीय उपमुख्यमंत्री जी ने सी.एम.डी. टेक फेस्ट में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के द्वारा बनाए मॉडलों का भी निरीक्षण किया और सभी विद्यार्थीयों को मोमेन्टो से सम्मानित किया।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी सम्माननीय अतिथियों को शासी निकाय अध्यक्ष डॉ. संजय दुबे एवं प्रभारी प्राचार्य डॉ. संजय सिंह के द्वारा शॉल श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।

इस अवसर पर महाविद्यालय में अत्यंत उत्साह का वातावरण देखा गया। इसी क्रम में सभी सम्माननीय अतिथियों मंच के द्वारा छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों आनंद लिया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का श्रीगणेश प्रयास निकेतन के द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना से किया गया। तत्पश्चात् प्रगति निकेतन द्वारा ‘मेरे घर राम आए है‘ भजन प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थीयों द्वारा अत्यंत उत्साहपूर्वक छत्तीसगढ़ी नृत्य, गरबा नृत्य, एकल एवं समूह नृत्य, नृत्य नाटिका आदि का अत्यंत सुंदर कुशल प्रस्तुतिकरण किया गया जिसका अतिथियों तथा छात्रों द्वारा करतल ध्वनि से प्रशंसा की गई।

इन कार्यक्रमों में नेहा, श्वेता, भूमिका, यामिनी, दुष्यंत, करण, मीनाक्षी, दीपेन्द्र, प्रियंका, भाग्य लक्ष्मी इत्यादि छात्र-छात्राओं का सक्रिय योगदान रहा।

उक्त समस्त कार्यक्रम डॉ. राजकुामर पंडा, बी.एड. प्रभारी श्रीमती अंजली चतुर्वेदी, अंकिता तिवारी, गुलाब पाठक, भारती विश्वकर्मा, तृप्ति पटेल की देख-रेख में समस्त कार्यक्रम को संपादित किया गया।

महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थीयों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निर्वहन किया।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।