बिलासपुर में विगत 23 वर्षों से खड़कपुर की तर्ज पर भव्य रूप से माँ सोलपुरी माता पूजा का आयोजन किया जा रहा है । स्टेशन रोड बंगलायार्ड , बारहखोली चौक दुर्गा मंदिर मैदान में होने वाले इस आयोजन की प्रतीक्षा भक्तों को वर्ष पर रहती है। इस वर्ष होने वाले आयोजन को लेकर नई कार्यकारिणी के गठन के लिए बैठक बारह खोली चौक बंगला यार्ड में आयोजित की गई , जहां एक बार फिर से व्ही रामा राव श्री श्री सोलापुरी माता पूजा सेवा समिति के अध्यक्ष चुने गए ।एक बार फिर से एस सांई भास्कर को सचिव की जिम्मेदारी सौंप गई है। वहीं अन्य पदों के लिए भी सदस्यों का चयन किया गया। साथ ही आगामी आयोजनों को लेकर जिम्मेदारियां का बंटवारा भी हुआ।


इस बैठक में आय-व्यय का वार्षिक लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया। आयोजन समिति के अध्यक्ष वी रामाराव ने बताया कि साल 2000 में दक्षिण भारतीय तेलुगू समाज के कुछ सदस्यों ने मात्र 50 हज़ार रुपये के साथ इस आयोजन का शुभारंभ किया था, जिसने आज विशाल स्वरूप ग्रहण कर लिया है। हर वर्ष आयोजन और भी भव्य होता जा रहा है। बीच में साल 2020 में कोविड की वजह से एक साल यह आयोजन नहीं हुआ, लेकिन उसके पश्चात निरंतर इसे और भी भव्य और विशाल आकार दिया जा रहा है, जिसमें समिति के सदस्यों के साथ बिलासपुर के नागरिकों और दानदाताओं की विशेष भूमिका रहती है।
साल 2023 में आयोजन में करीब 15 लाख रुपए का व्यय आया, जिसे इस बार बढ़ाकर आज आयोजन को और भी विशाल स्वरूप देने की तैयारी पर चर्चा हुई।

18 से 28 अप्रैल तक होगा आयोजन

आयोजन समिति के अध्यक्ष वी रामाराव ने बताया कि इस वर्ष 18 अप्रैल को पारंपरिक रूप से राटा पूजा या काष्ठ देवता पूजा की जाएगी। इसके पश्चात 19 अप्रैल की संध्या को लोको कॉलोनी स्थित श्री श्री मरीमाई माता मंदिर से माँ सोलापुरी की विशाल शोभायात्रा गाजे बाजे और आतिशबाजी के साथ निकलेगी, जो पूरे रेलवे क्षेत्र का भ्रमण करते हुए बारह खोली चौक, दुर्गा मंदिर स्थित पंडाल पहुंचेगी, जहां आगामी 28 अप्रैल तक प्रतिदिन मां सोलापुरी के अलग-अलग स्वरूपों की स्थापना कर पूजा अर्चना की जाएगी। इस पूजा अर्चना के लिए हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी खड़कपुर से पुजारी पार्थसारथी और उनकी टीम पहुंचेगी, साथ ही भोग प्रसाद निर्माण के लिए ब्रूस ली उर्फ भास्कर और उनकी टीम उपस्थित होगी। इस आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने में समिति के सफेद गणवेश धारी वॉलिंटियर उपस्थित रहेंगे, जिसके लिए इस बार भी जंबो कार्यकारिणी का गठन किया गया है।

एक बार फिर वी रामा राव बनाए गए अध्यक्ष

विगत 23 वर्षों की भांति एक बार फिर बैठक में भाजपा नेता और पूर्व पार्षद वी रामा राव को श्री श्री सोलापुरी माता पूजा सेवा समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पार्षद एस सांई भास्कर को सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। बी शंकर राव कोषाध्यक्ष की जवाबदारी निभाएंगे ।उनके अलावा समिति में सी नवीन कुमार, एल श्रीनिवास, टी गिरधर, ई अप्पाराव, टी तिवाकर , जी सन्मुख राव, जी वी नरसिम्हा मूर्ति, जी काशीराव, एस श्रीनिवास रंगन, ए साई कुमार, राघवेंद्र राव , डी वासु, जे गोविंद राव, मोंटी , शम्भू रजक , रवि तेजा, डी अप्पल कोंडा, राहुल बर्मन, मधुसूदन, डी प्रसाद राव, हरीश बाबू, पी सिम्हाचलम, ए धर्मराज, मुरली सूरी, जी लोकेश, शंकर राव ,जयंत कुमार ,पी शंकर राव , डी गणेश, ए संदीप, पी नरेश राव , योगेश्वर राव, बी श्रीनिवास राव, के शंकर आदि इस बैठक में उपस्थित रहे। इनके अलावा समिति की महिला विंग में महिलाओं की भी नियुक्ति की गई है।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।