कलेक्टर ने सिरगिट्टी एवं पेण्ड्री बायपास का किया दौरा

बिलासपुर, 25 जनवरी 2024/ सिरगिट्टी क्षेत्र में उद्योगों से निकले कचरे के प्रबंधन के लिए सीएसआईडीसी एवं नगर निगम के बीच अनुबंध किया गया है। जिसके अंतर्गत नगर निगम द्वारा औद्योगिक क्षेत्र से कचरे का संग्रहण एवं परिवहन बाहर निर्धारित स्थल पर किया जायेगा। सीएसआईडीसी इसके लिए उन्हें निर्धारित शुल्क अदा करेगी। गौरतलब है कि कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने विगत दिनों आयोजित बैठक में औद्योगिक कचरे के निपटारे के लिए स्थायी व्यवस्था करने के निर्देश सीएसआईडीसी को दिए थे।
कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने इस सिलसिले में आज सिरगिट्टी औद्योगिक इलाके का दौरा किया। उन्होंने उद्योगों से निकले कचरा के संग्रहण के लिए चिन्हांकित स्थल को फेंसिग कर सूचना फलक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने उस स्थल को भी देखा जहां कचरे का अंबार लगा था और नियम विरूद्ध तरीके से इसका डिस्पोजल किया जा रहा था।

कलेक्टर के निर्देश के बाद इस स्थल के संपूर्ण कचरे को साफ करके मैदान का समतलीकरण किया जा चुका है। यहां पर बोर्ड भी लगाया गया है। कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने सिरगिट्टी के बाद आगे पेण्ड्रीडीह बाईपास इलाके का भी भ्रमण कर कोल डस्ट एवं धूल प्रदूषण के हालात का जायजा लिया।
कलेक्टर ने अफसरों से जोर देकर कहा कि खुले हुए ट्रक में कोल अथवा अन्य खनिजों के परिवहन पर सख्त कार्रवाई किया जाये। धूल एवं वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों में खुले में खनिज परिवहन को माना गया हैं। उन्होंने प्रदूषण मण्डल, आरटीओ, खनिज एवं पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से कई धाराओं के तहत एक साथ कार्रवाई के निर्देश दिए ताकि कोई भी व्यक्ति दुबारा गलती करने से बाज आये। कार्रवाई में शिथिलता बरतने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी। इस अवसर पर नगर निगम के प्रभारी आयुक्त श्री आर.के. जायसवाल, एसडीएम श्री सूरज साहू, सीजीएम डीआईसी श्री कुसरे सहित खनिज, आरटीओ, प्रदूषण मण्डल के अधिकारी एवं जिला उद्योग संघ के पदाधिकारी शामिल थे।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।