दुर्ग-भोपाल अमरकंटक एक्सप्रेस में उसलापुर से जबलपुर तक कोच नम्बर एम-1 के बर्थ नम्बर 08 में अपने परिवार के साथ यात्रा कर रही महिला यात्री शिवानी भोजवानी पति चिम्मन भोजवानी, उम्र-27 साल, निवासी-बिहारी टॉकीज पुराना हाईकोर्ट रोड बिलासपुर, थाना- कोतवाली, जिला-बिलासपुर (छ.ग.) का सफेद कलर का लेडीज पर्स जिसमे रखा डेड तोला सोने की मंगलसूत्र एवं 02 नग कंगन ,01 सैमसंग M31 मोबाईल, 01 रियलमी कम्पनी का मोबाईल कुल मशरूका कीमत 208000/- हजार (दो लाख आठ हजार) की यात्रा के दौरान झलवारा के आसपास ट्रेन से चोरी कर आरोपी चलती ट्रेन से उतर कर भाग गया था। इस घटना के सम्बंध में यात्री द्वारा रेल मदद में तुरंत शिकायत दर्ज कराई थी जिस पर रेसुब टास्क टीम-2 द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित खोजबीन में लग गए


प्रार्थिया के द्वारा जबलपुर पहुँचकर जीआरपी थाना जबलपुर में दिनाँक 26.02.24 को रिपोर्ट दर्ज कराया गया, जहाँ से जीरो में मामला दर्ज कर क्षेत्राधिकार के आधार पर जीआरपी थाना शहडोल में स्थानांतरित करने पर अपराध क्रमांक 22/2024 धारा 379 भा. द. स. दिनाँक 28.02.24 को अज्ञात के विरूद्ध दर्ज कर जांच में लिया गया था। *उपरोक्त चोरी की घटना पर महानिरीक्षक सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त / रेसुब/बिलासपुर श्री मुनव्वर ख़ुर्शीद, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त /बिलासपुर श्री दिनेश सिंह तोमर एवं पुलिस अधीक्षक रेलवे जबलपुर श्रीमती शिमाला प्रसाद , उप पुलिस अधिक्षक रेलवे कटनी श्रीमती सारिका पांडेय महोदय के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुए दिनांक 07.03 2024 को रेसुब टास्क टीम-2 के उप निरीक्षक डी.के.यादव, प्रधान आरक्षक व्ही. के. जैन, मनोज कुमार,एस डी समाधिया , रेसुब पोस्ट शहडोल निरीक्षक मनीष कुमार, उप निरीक्षक एन. पी. पांडेय, एवं जीआरपी शहडोल से उप निरीक्षक गणेश प्रसाद कोल,उप निरीक्षक आर. एम. झारिया,आरक्षक. एन. एस.तोमर, मेहताब बघेल,संतोष यादव, महिला आरक्षक प्रियंका पाठक की संयुक्त टीम द्वारा कोच में लगे

सीसीटीवी फुटेज से पहचान कर चोरी की मशरूका डेढ़ तोला सोने का 01 मंगलसूत्र एवं 02 नग सोने की कंगन वास्तविक कीमत 210000/-हजार एवं 01 नग रियलमी मोबाईल कुल कीमत 12000/- हजार बरामद मशरूका की कुल वास्तविक कीमत 2,22000/ दो लाख बाईस हजार रूपये की सम्पति की बरामदगी करते हुए शातिर आरोपी अमरसिंह उर्फ पिंटू गोंड़ पिता खन्ना सिंह,उम्र-29 साल, निवासी- कल्याणपुर स्टेट बैंक के पास,थाना - कोतवाली,जिला - शहडोल (म.प्र.) को गिरफ्तार कर अपराध में संबद्ध किया गया।* आरोपी को माननीय सीजेएम कोर्ट शहडोल के समक्ष पेश किया गया जहाँ से आरोपी को दिनाँक 20.03.2024 तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।