बिलासपुर:- स्थानीय डी.पी. विप्र महाविद्यालय में वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह का दो दिवसीय कार्यक्रम

आयोजित किया गया है। कार्यक्रम के प्रथम दिवस में मुख्य अतिथि श्री धर्मजीत सिंह विधायक तखतपुर विधानसभा क्षेत्र, विशिष्ट अतिथि श्री सुशांत शुक्ला बेलतरा विधानसभा क्षेत्र, विशिष्ट अतिथि श्री रजनेश सिंह, पुलिस अधीक्षक बिलासपुर, प्राचार्य, डाॅ. (श्रीमती) अंजू शुक्ला, श्री अविनाश सेठी अध्यक्ष, एलुमिनी कमेटी एवं श्री अभिनव तिवारी उपस्थित रहे।
उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि श्री धर्मजीत जी ने अपने वक्तव्य में में कहा कि विद्यार्थियों के लिए महाविद्यालय का समय जिन्दगी का अविस्मणीय क्षण होता है। यही आपका शिक्षा, बौद्धिक एवं सांस्कृतिक विकास होता है। असफलता से कभी आपको निराश नहीं होना चाहिए बल्कि उससे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए। यह महाविद्यालय संघर्ष की गाथा के साथ निरंतर सफलता को प्राप्त कर रहा है। श्री सुशांत शुक्ला ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए। युवाओं के अंदर एक जज्बा होता है कि वे अपने तार्किक तथ्यों के साथ अपनी बातों को मनवा सके। छात्र-छात्राएं अपने शैक्षणिक एवं सांस्कृतिम माध्यमों से अनुभवों को ग्रहण कर आगे बढ़े। श्री रजनेश सिंह जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि सामाजिक मूल्यों गिरावट के पीछे नशा सबसे मुख्य कारण है। छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा भारत युवाओं का देश होने के नाते इस समस्या से ग्रसित होने के कारण विकास नहीं कर पा रहा है। ‘आपरेशन प्रहार‘ के माध्यम से विद्यार्थियों से पुलिस प्रशासन का सहयोग करने की बात कही। साथ ही अच्छी सोच और अच्छे विचारों को उपर रखकर कुविचारों को छोड़ने की बात कही। डाॅ.(श्रीमती) अंजू शुक्ला ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारे महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं स्वयं अनुशासन स्थापित कर हर कार्यक्रम सफल बनाते हैं। जिसका परिणाम महाविद्यालय के विद्यार्थी, शिक्षक, एन.सी.सी., एन.एस.एस., विज्ञान प्रर्दशनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के रूप में देखा जा सकता है। फल की चिंता किए बगैर कर्म करना विद्यार्थियों का कर्तव्य होता है। श्री अविनाश सेठी ने छात्र-छात्राओं एवं महाविद्यालयीन प्रगति का उल्लेख करते हुए महाविद्यालीयन विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया। और बताया कि महाविद्यालय के 10 माॅडल पेंटेंट और 15 प्रोसेस में है। श्री टिकेश प्रताप ने कहा कि महाविद्यालय के लिए यह बहुत गौरव का समय है कि महाविद्यालय लगातार दो बार ए ग्रेड और यू.जी.सी. द्वारा आटोनाॅमस की दर्ज उपलब्ध करायी है। और साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आगे भविष्य में यह डीम्बड विश्वविद्यालय भी बनेगा। इस अवसर पर महाविद्यालय द्वारा 2021-22 में विश्वविद्यालय में प्रावीण्य सूची एवं साईनेक्स मिलेनियम में स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।


कार्यक्रम का सफल संचालन डाॅ. एम.एस. तम्बोली एवं आभार प्रदर्शन श्री अरूण नथानी नें किया। इस अवसर पर श्री रंगानादम, श्री लक्की यादव, श्री वीरेन्द्र साहू, श्री जित्तू ठाकुर, श्री गोविन्द सेठी, श्री शिवा गेंदले, श्री आशीष चतुर्वेदी, श्री चित्रकांत निरडवार, श्री परिवेश दीवान, श्री विकास सिंह, श्री मनीष मिश्रा, श्री आशीष मिश्रा, श्री उमेश साहू, श्री बृजेश बोले, श्री बलराम जायसवाल, श्री हिमेश साहू, श्री मनोज मेंसराम, श्री अरूण नथानी, श्री यश मिरानी, श्री सुरेन्द्र अहिरवार, श्री सचिन सूर्या, श्री सन सूर्या, श्री नीरज गोस्वामी, श्री विक्रान्त श्रीवास्तव, श्री प्रवीण देवांगन, श्री यजूर तिवारी
डॉ. मनीष तिवारी, डॉ. विवेक अम्बलर, डॉ. आभा तिवारी, डॉ. एम.एल. जायसवाल, प्रो.ए.श्रीराम, डॉ. आशीष शर्मा, डॉ. सुषमा शर्मा, डाॅ. शिखा पहारे, प्रो. तोषिमा मिश्रा, प्रो. निधीश चैबे, श्री शैलेन्द्र कुमार तिवारी, डॉ. अजय यादव, डॉ. किरण दुबे, डाॅ. सुरुचि मिश्रा, प्रो. विश्वास विक्टर, डॉ. ऋचा हाण्डा, प्रो. यूपेश कुमार, प्रो. रूपेन्द्र शर्मा, प्रो. लोकेश कुमार वर्मा, प्रो. ब्रजेश कुमार, प्रो. सुचित दुबे, श्री सगराम चन्द्रवंशी, श्री तोरण यादव, एन.सी.सी., एन.एस.एस. एवं महाविद्यालय के छात्र-छात्राएॅ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।