बिलासपुर। गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (केन्द्रीय विश्वविद्यालय) की अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी विद्यापीठ के अंतर्गत कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की बीटेक अंतिम वर्ष की छात्रा सुश्री वेदेपल्ली देवीप्रिया को मिला 50 लाख रुपये का पैकेज। अमेरिका के टेक्सास की ट्राइंगों टेक कंपनी ने केन्द्रीय विश्वविद्यालय की छात्रा देवीप्रिया को 50 लाख रुपये सालाना के पैकेज प्रदान किया है। सुश्री वेदेपल्ली देवीप्रिया शैक्षणिक सत्र 2020-2024 की छात्रा हैं।
चयनित छात्रा सुश्री वेदेपल्ली देवीप्रिया ने विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति महोदय प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल से भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने चयनित छात्रा देवीप्रिया के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए बधाई दी। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय ने प्रौद्योगिकी एवं संचार के क्षेत्र में नवाचार एवं युवा प्रतिभाओँ को अवसर प्रदान किया है। देवीप्रिया का शानदार पैकेज पर चयन इस बात का प्रमाण है कि विश्वविद्यालय, अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में औद्योगिक जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्य कर रहा है।
कुलपति प्रो. चक्रवाल ने कहा कि अनुशासन, मेहनत, ईमानदारी एवं समर्पण से जीवन में किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। युवा अपने कौशल एवं ज्ञान को समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए प्रयोग करते हुए राष्ट्र निर्माण में सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 युवा छात्र-छात्राओं को अधिक स्वायत्तता के साथ कौशल विकास एवं उद्यमिता के क्षेत्र में अनुभवजन्य शिक्षा हेतु विकल्प प्रदान करती है जिससे विद्यार्थी रोजगारपरकता की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
इस अवसर कुलसचिव प्रो. मनीष श्रीवास्तव सहित विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. एस.सी. श्रीवास्तव एवं विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार सिंह कुशवाहा ने विद्यार्थियों की सफलता पर उनके स्वर्णिम भविष्य की कामना की। चयनित छात्रा देवीप्रिया ने अपने चयन का श्रेय माता-पिता, परिवार एवं विभाग के शिक्षक श्री सतीश नेगी और श्री पुष्पेंद्र चंद्रा के सार्थक प्रयासों को दिया।
6 दौर की मुश्किल परीक्षा के बाद मिली सफलता
छात्रा देवीप्रिया ने चयन के लिए कंपनी के छह दौर की मुश्किल चयन प्रक्रिया में सफलता हासिल की है। इन छह दौर की चयन प्रक्रिया में एप्टीट्यूड, फाइंड दि एरर, कोडिंग चैलेंज I-II, साक्षात्कार तथा मानव संसाधन विभाग के साथ साक्षात्कार शामिल है।
उल्लेखनीय है कि छात्रा देवीप्रिया को मिले 50 लाख रुपये के पैकेज के अतिरिक्त कंपनी ने उन्हें रहना-खाना एवं यात्रा व्यय की सुविधा प्रदान की है। देवीप्रिया कंपनी में डाटा एनालेटिक्स एवं डाटा साइंटिस्ट के रूप में कार्य करेंगी।
मोबाइल एप डेवलपमेंट के क्षेत्र की अग्रणी कंपनी
ट्राइंगों टेक कंपनी मुख्य रूप से मोबाइल एप डेवलपमेंट के क्षेत्र की अग्रणी कंपनी है। इसके साथ ही कंपनी बिजनेस आइडिया को सॉफ्टवेयर के फार्म में ट्रांसफार्म करती है। 2003 से निरंतर मोबाइल एप डेवेलपमेंट के क्षेत्र में नवीन नवाचार को प्रोत्साहित करने वाली इस कंपनी में दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में 1500 कर्मचारी काम कर रहे हैं।
तेलंगाना के पारंपकि नृत्य में माहिर
चयनित छात्रा सुश्री वेदेपल्ली देवीप्रिया तेलंगाना राज्य के प्राचीन पारंपरिक नृत्य स्वरूप पेरिनी लस्यम में भी महारत हासिल है। छात्रा देवीप्रिया, विश्वविद्यालय के गूगल डेवलपर्स स्टूडेंटस क्लब एवं अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी विद्यापीठ के टेकफेस्ट इक्वीलिब्रियो 2023 की सांस्कृतिक समन्वयक भी रही हैं।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।