पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर श्रद्धालुओं का होगा रजिस्ट्रेशन

बिलासपुर। उत्तरप्रदेश के अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरे देश में रामभक्तो के बीच अभूतपूर्व उत्साह है और हर कोई रामलला के दर्शन के लिए आतुर है। इसे ध्यान में रखते हुए बिलासपुर के समाजसेवी उद्योगपति प्रवीण झा ने हर वर्ष एक हजार लोगो को अयोध्या ले जाकर श्री राम लला के दर्शन कराने का निर्णय किया है।अयोध्या लाने ले जाने के लिए 25 बसों की व्यवस्था की जाएगी।यह यात्रा न केवल निःशुल्क होगी बल्कि भोजन,नाश्ता और अयोध्या में ठहराने तक की पूरी व्यवस्था और वहां से दर्शन उपरांत श्रद्धालुओं को वापस बिलासपुर लाने की व्यवस्था भी प्रवीण झा और उनकी टीम द्वारा की जाएगी।श्रद्धालुओं का बीमा भी कराया जायेगा।
बिलासपुर प्रेस क्लब में पत्रकारों से चर्चा करते श्री झा ने बताया कि रामलला की मूर्ति स्थापित किए जाने को लेकर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अचानक उनके मन में विचार आया कि क्यों न बिलासपुर संभाग के श्रद्दालुओ को रामलला के दर्शन करवाने की व्यवस्था की जाए।इसी विचार को मूर्त रूप देते हुए यह निर्णय लिया गया कि बिलासपुर संभाग से एक हजार श्रद्धालुओं को हर साल रामनवमी पर रामलला के दर्शन के लिए निःशुल्क अयोध्या ले जाया जाएगा। इसमें 18 साल से 65 साल की आयु वाले ऐसे श्रद्धालु जो रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या जाना चाहते है उन्हे अपना आधार कार्ड और दो फोटो लेकर नियत स्थान पर स्वयं आकर पंजीयन कराना पड़ेगा।पहले आया पहले पाया की तर्ज पर पंजीयन कराए गए एक हजार लोगो को बस से अयोध्या ले जाया जाएगा। एक हजार से ज्यादा पंजीयन हो जाने पर बाकी लोगों को प्रतीक्षा सूची में रखा जायेगा और उन्हें अगली यात्रा में प्राथमिकता दी जाएगी।प्रवीण झा ने बताया कि यात्रा के नाम पर श्रद्धालुओं से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। पहली यात्रा 16 अप्रैल को होगी ।पुलिस मैदान से लगभग 25 बसें और कई कार रवाना की जाएगी ।श्रद्धालुओं का पूरा ख्याल रखा जाएगा,उनकी देखरेख के लिए स्वयं सेवकों की टीम और मेडिकल दल भी साथ रहेगा।


उन्होंने कहाकि रामनवमी के अवसर पर चूंकि रामलला के दर्शन के लिए पूरे देश भर से श्रद्धालुओं की भीड़ रहेगी इसलिए बिलासपुर के श्रद्धालु जनों को दर्शन के लिए अलग से व्यवस्था करवाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और अयोध्या मंदिर ट्रस्ट से बातचीत की जाएगी ।अयोध्या में श्रद्धालुओं को ठहराने के लिए भी बेहतर व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस निःशुल्क दर्शन यात्रा में सौ पत्रकारों को भी ले जाया जाएगा इसके लिए पत्रकारों को भी पंजीयन कराना अनिवार्य होगा।उनकी मंशा है कि यहां के पत्रकार भी रामलला के दर्शन करने जाएं और अयोध्या की व्यवस्था देंखे। पत्रकार बसों में जा रहे श्रद्धालुओं के बीच स्वयं सेवकों की भूमिका में होंगे।

रजिस्ट्रेशन हेतु संपर्क
फील ग्रुप कार्यालय, महिमा ट्रेड सेंटर, हंसा बिहार, बिलासपुर, श्री प्रवीण झा 7098333333,
बीमा ज्ञान केंद्र कार्यालय, हेमू नगर, बिलासपुर, राम प्रताप सिंह 9827176654,
उत्तर दक्षिण, थर्ड फ्लोर, अर्क, लिंक रोड, बिलासपुर, उचित सूद 9754400003 एवं दुकान नंबर 305 , इंफिनिटी बिजनेस पार्क, गुंबर पेट्रोल पंप के पास, व्यापार विहार, बिलासपुर विक्की केजरीवाल 9229336666

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।