गुरुद्वारा गुरु सिंघ सभा दयालबंद में २२दिसंबर से लेकर २८ दिसंबर तक शहीदी सप्ताह मनाया जाता है।सरकार द्वारा श्री गुरु गोविंद सिंह जी के लखते जिगर साहिबजादो की याद में 26dec को राष्ट्रीय बाल दिवस के रूप में घोषित किया गया है। इस अवसर पर कल कल श्री सुखमनी साहिब सर्कल द्वारा बच्चों के लिए सिक्खो के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के 52 हुकुम का कार्यक्रम आयोजन किया गया जिसमें 100 से अधिक बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया ।इसके उपरांत बच्चों द्वारा शहादत को नमन करने हेतु मॉडल प्रोजेक्ट, शास्त्र द्वारा सिख विरसा प्रदर्शनी भी गुरुद्वारा साहिब में लगाई गई ।

इस कार्यक्रम की कड़ी में बच्चों द्वारा साहिबजादो की याद में धार्मिक गीत एवं कविता का भी आयोजन किया गया।इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल जी एवं रामदेव कुमावत,जी एवं गुलशन ऋषि जी ,भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य एवं वीर बाल दिवस कार्यक्रम के जिला संयोजक अमरजीत सिंह दुआ ने गुरुद्वारा साहिब में उपस्थिति लगाई एवं बचो का हौसला बढ़ाया ।

कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु सुखमनी साहिब सर्कल के सभी सदस्य दलजीत कौर सलूजा, हरमीत कौर गंभीर, रविंदर कौर छाबड़ा, मनप्रीत कौर मक्कड़ ,डॉली कौर ,प्रिंसी कौर गंभीर एवं गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य नरेंद्र पाल सिंह गांधी, जगमोहन सिंह, जोगिंदर सिंह गंभीर, मनदीप सिंह गंभीर, सुरेंद्र सिंह छाबड़ा ,अमनदीप सिंह होरा, जसवीर सिंह गांधी जगदीप सिंह मक्कड़ एवं हेड ग्रंथि भाई मानसिंह जी का सहयोग रहा।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।