ऑनलाइन फ्रॉड को लेकर लगातार जागरूकता फैलाने के बाद जहा इस पर कुछ अंकुश लगता नजर आ रहा था।तो वही अब शेयर बाजार के माध्यम से पैसे को दोगुना करने का झांसा लंबे समय से एक संस्था के द्वारा दिया की रहा था।अग्रेसन चौक के पास स्थित उषालता कंपलेक्स किम्स हॉस्पिटल के सामने साई कृष्णा इन्वेस्टमेट नाम का दुकान है। लोगो को शिकायत थी की उनके द्वारा संस्था के संचालक को जो पैसे दिए थे उन राशि को सितंबर 2023 से पेसा रिटर्न करना बंद कर दिया। शिकायत के आधार पर पूछताछ की गई तो पता चला कि विनायक कृष्णा राजे नाम का व्यक्ति जो अपने आप को शेयर मार्केट का ब्रोकर बताता है लोगों से इन्वेस्ट के नाम पर पैसा लेता है आवेदक के द्वारा दी गई डॉक्यूमेंट जिसमे इकरारनामा ऑफर स्कीम खातों के स्टेटमेंट की जांच पड़ताल करने पर पता चला कि इसके पास सिर्फ गुमास्ता लाइसेंस है और साई कृष्णा इन्वेस्टमेंट नाम की कंपनी फर्जी है इसका कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है साथ ही इसके जिन ब्रोकर की लाइसेंस दिखाई है उसमें आनंद रात्रे, शानू खान की लाइसेंस दिखाई पडता है।

पैसे लेने का तरीका यह लोगों से बोलता है कि मुझे पैसे दो में इसे शेयर मार्केट में लगाकर तुमको पांच-पांच या 10 के हिसाब से प्रतिमाह फिक्स रिटर्न करूगा इस झासे में आकर बहुत से लोग अधिक रिटर्न के लालच में इसको खाते में पैसा देते थे यह बाकायदा इनको पैसे का रिटर्न देता था साथ ही डेली एक फर्जी हैंडल से मैनेज करता था जिसने आपका नाम और डेली का रिटर्न लिखा रहता था।

इस झांसे में आकर लोग और पैसा इन्वेस्ट करना चालू कर दिए कुछ मेडिएटर भी बने जो बाकी लोगों को अपने रिश्तेदारों से पैसा लेकर इनको ट्रांसफर करने लगे इस तरह से एक चैन बन गई अब इन पैसों को यह सर्कुलेट करता था आपको पैसा लेकर दूसरे को दूसरे का तीसरे को ऐसे ही रोटेड करते रहे।

पैसे का ऊपयोग अपनी आलीशान और लजीज जिंदगी के लिए सभी पैसों का उपयोग करता थाईलैंड गोवा ट्रैवल इन ऑफर देता था प्रिंस चीट एंड मनी सर्कुलेशन स्कीम बैनिंग एक्ट के तहत अपराध है लगभग 35 से 40 करोड का अनुमान है। कुल फ्रॉड की अमाउंट अभी तक प्राप्त रसीद बुक के हिसाब से लगभग 14 करोड का इन्वेस्टमेंट के नाम से पैसा मई 2023 से अब तक लिया गया है बाकी उसके पहले लगभग जनवरी 2021 से यह सब चल रहा है मतलब कुल मामला लगभग 35 से 40 करोड का होगा।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।