बेफिक्र आबकारी विभाग का काम कर रही न्यायधानी की पुलिस…

अपराधिक घटनाओं का ग्राफ कम करने इन्हे नही है चिंता

लगातार जिले के पुलिस के द्वारा कच्ची महुआ शराब को पकड़ने को लेकर अभियान चलाकर इस पर कार्यवाही की जा रही है हर थाना क्षेत्र में शराब पकड़ने पर लगातार अभियान में तेजी लाकर बड़ी मात्रा में कच्ची शराब पकड़ी जा रही है लेकिन दूसरी और अपराधिक गतिविधियों में कमी लाने में पुलिसिंग सफल हो रही है लगातार अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है लेकिन पुलिस प्रशासन है कि केवल नशे के खिलाफ अभियान चला कर अपनी वही लूटने का काम कर रही है जिस तरह से अपराध करने से पहले आपराधिक तत्व के लोग जरा भी नहीं सोच रहे हैं वह दर्शाता है कि किस तरह से अपराध को लेकर अपराधिक तत्वों में पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है पुलिस प्रशासन इन दोनों केवल सरप्राइज चेकिंग और सरप्राइज़ चेकिंग अभियान में व्यस्त है

जबकि दूसरी ओर नजर दौड़ाई जाए तो केवल स्थान के पुलिसिंग को इधर से उधर किया जा रहा है इन सबसे अच्छा है कि पुलिस प्रशासन अपराध को कम करने की दिशा में काम करें तो वही चुनाव के वक्त बीजेपी ने भी अपराध को बड़ा मुद्दा बनाया था और वादा किया था कि 15 दिनों में अपराध में कमी आएगी लेकिन अब सरकार बने लगभग डेढ़ महीने का वक्त हो चुका है लेकिन आपराधिक गतिविधियों में किसी भी तरह की कोई कमी आती नजर नहीं आ रही है जिस दिशा में अब विचार करने की जरूरत महसूस होने लगी है केवल नसे के खिलाफ अभियान चलाने से अपराध कम नहीं होगा इसके लिए जरूरी है कि आपराधिक तत्वों में भी एक खौफ उत्पन्न किया जाए ताकि इस तरह की अपराधिक घटनाएं पूर्ण रूप से बंद हो सके

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।