**महमंद स्थित हनुमान मंदिर में हुई चोरी का हुआ पर्दाफाश

**घटना में शामिल आरोपी तोरवा पुलिस की गिरफ्त में

** आरोपी के कब्जे से चोरी गए मसरूका दान पेटी, हनुमान जी का मुकुट, डीवीआर ,वाई-फाई रूटर किया गया जप्त

** आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय किया गया पेश

नाम आरोपी…
अनीश मसीह पिता स्वर्गीय अशोक मसीह उम्र 38 साल निवासी नहर पारा काली मंदिर के पास देवरी खुर्द थाना तोरवा जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़

प्रार्थी नरेंद्र निषाद निवासी महमंद थाना तोरवा जिला बिलासपुर के द्वारा दिनांक 03.03.24 को अज्ञात आरोपी द्वारा सुकवा तालाब महमंद के पास बने श्री पंचमुखी हनुमंत धाम मंदिर से मंदिर के अंदर रखे दान पेटी , हनुमान जी का चांदी का मुकुट डीवीआर एम्प्लीफायर चोरी करने के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि रिपोर्ट पर थाना तोरवा में अपराध क्रमांक 82 / 2024 धारा 457,380, भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना किया गया । इसकी सूचना जिले के पुलिस अधीक्षक महोदय श्री रजनेश सिंह(भापुसे), अति0 पुलिस अधीक्षक शहर,श्री राजेन्द्र जायसवाल एवं नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली श्रीमती पूजा कुमार(भापुसे) को दी गई थी जिस पर तत्काल अज्ञात आरोपी की पता तलाश कर धरपकड करने के निर्देश प्राप्त हुए थे जिसके परिपालन में थाना प्रभारी तोरवा अंजना केरकेट्टा के नेतृत्व में टीम तैयार कर लगातार पता तलाश की जा रही थी, पता तलाश दौरान तोरवा पुलिस ने मुखबिर से सूचना पर आरोपी संदेही अनीश मसीह पिता स्वर्गीय अशोक मसीह उम्र 38 साल निवासी नहर पारा काली मंदिर के पास देवरी खुर्द थाना तोरवा जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़ को पकडकर पूछताछ किया जिससे पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा चोरी करना स्वीकार किया जिनके कब्जे से दान पेटी, दान की रकम 1003रु, हनुमान जी का कि चाँदी की मुकुट, डीवीआर ,वाई-फाई रूटर, घटना में प्रयुक्त आलाजरब जप्त किया गया है।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।