● वाहन से 09 मवेशियों को कराया गया मुक्त, आरोपियों पर थाना घरघोड़ा में पशुक्रूरता एक्ट की कार्रवाई …..

रायगढ़ । बीते 27 जनवरी की रात्रि घरघोड़ा पुलिस द्वारा कोटांगरटोली, लोदाम जिला जशपुर के आफताब खान और मोहम्मद जुनैद आलम को पिकअप वाहन में मवेशियों की तस्करी करते पकड़ा गया है । आरोपियों के कब्जे से एक पिकअप वाहन में ठूंस-ठूस कर क्रूरतापूर्वक भर कर रखे 9 कृषक मवेशियों को मुक्त कराया गया है तथा आरोपियों पर पशुक्रूरता अधिनियम के तहत कार्यवाही किया गया है । पशु तस्करी को लेकर रिपोर्टकर्ता यश सिन्हा निवासी नवापारा घरघोड़ा द्वारा थाना घरघोड़ा में आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज कर बताया कि दिनांक 28.01.2024 की रात्रि अपने दोस्त आयुष डनसेना, सुधीर पंडा के साथ पूंजीपथरा से घरघोड़ा आते समय करीब 01:00 बजे पाॅवरग्रीड चुहकीमार घरघोड़ा के पास मेन रोड़ में रोड किनारे वाहन पीकप क्र. JH-01-DT-2209 के ड्रायवर और हेल्फर को कुछ अज्ञात लोग मारपीट कर रहे थे, जो इनके आने पर मौके से भाग गये। वाहन पीकप के पीछे डाला में 09 मवेशियों को बेहद कम जगह में ठूंस-ठूस कर रखा गया था । थाना में सूचना दिए जाने पर घरघोड़ा पुलिस मौके पर पहुंची, वाहन चालक से पूछताछ करने पर वाहन का चालक मोह. जुनेद आलम एवं हेल्फर अफताब खान दोनों निवासी सांई टांगरटोली लोदाम जिला जशपुर का होना बताये एवं मवेशियों को वध करने के लिए रायगढ़ से टांगरटोली ले जाना बताये । थाना घरघोड़ा में आरोपी (1) मोह. जुनेद आलम पिता स्व. नाजिर हुसैन उम्र 23 वर्ष (2) अफताब खान पिता अकबर खान उम्र 24 वर्ष दोनों साकिन सांई टांगरटोली थाना लोदाम जिला जशपुर (छ.ग.) के विरुद्ध धारा 4,6,10 छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 कायम कर पिकअप वाहन से 09 मवेशी (अनुमानित कीमत 90000 रूपए.) को गवाहों के समक्ष जप्त कर पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराकर सुरक्षार्थ रखवाया गया है ।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।