शासकीय कार्य में बाधा डालने वाले एवं पैसों की मांग करने वाले आरोपियों पर हिर्री पुलिस की त्वरित कार्यवाही

  • ग्राम खजुरी में शासकीय जमुना प्रसाद वर्मा स्नातकोत्तर कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय बिलासपुर के द्वारा लगाया गया था एनएसएस कैंप
  • प्रार्थी सहायक प्राध्यापक शासकीय जमुना प्रसाद वर्मा स्नातकोत्तर कला एवं बाणिज्य महाविद्यालय बिलासपुर द्वारा एक थाना प्रभारी के नाम से एक लिखित आवेदन पेश कर एफआईआर दर्ज कराया कि दिनांक 10.01.2024 को ग्राम पंचायत खजुरी में एनएसएस का कार्यक्रम चल रहा था जिसमें थीम नशा मुक्त समाज के लिये कार्यक्रम चल रहा था उसी समय ग्रामीण राजेश नेताम, अभिमन्यु यादव, बृजेश कुमार श्रीवास, गौरव कौशिक,एवं अन्य के द्वारा शासकीय कार्यक्रम में बाध डालते हुये मां बहन की अश्लील गाली गुप्तार एवं जान से मारने की धमकी देते हुये एक राय होकर शराब पीने के लिये पैसा की मांग करते हुये हाथ मुक्का डण्डा से छात्र-छात्राओं एवं प्राध्यापकों से मारपीट कर व्यवधान उत्पन्न किये हैं। रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। घटना के गंभीरता को देखते हुये श्रीमान पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमती अर्चना झा, नगर पुलिस अधीक्षक महोदय चकरभाठा कृष्ण कुमार पटेल को अवगत कराकर उनके मार्ग दर्शन पर थाना प्रभारी हिरीं द्वारा थाना स्टॉफ एवं चकरभाठा/सकरी थाना स्टाफ के साथ तत्परता पूर्वक कार्यवाही करते हुये 04 आरोपियों एवं विधि से संघर्षरत 02 बालकों को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया जो शराब के नशे में जुर्म करना स्वीकार किये। उनके विरूद्ध सदर धारा अपराध घटित करना सबूत सिद्ध पाये जाने से विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया। लेकिन दूसरी और गौर करने वाली बात यह है कि आपराधिक तत्व अपराध करने से पहले पुलिस के भाई से बिल्कुल भी चिंतित नहीं है
  • यही वजह है कि वह बेखौफ होकर अपराध को अंजाम देते हैं भले ही पुलिस के द्वारा त्वरित कार्रवाई कर उन्हें पकड़ने का दावा किया जाता है लेकिन अगर अपराध को मुक्त करना है और भय मुक्त वातावरण बनाना है तो इस तरह के अपराध को पूर्व से ही रोकना होगा
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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।