पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह जिला बिलासपुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अर्चना झा एवं उप पुलिस अधीक्षक उदयन बेहार मुख्यालय जिला बिलासपुर द्वारा निजात अभियान के निर्देशन में नयनतारा महाविद्यालय पंथी में विद्यार्थियों को शराब,गुटखा,आदि नशे के दुषपरिणों, तथा नशा करने से क्या क्या बिमारी हो सकती है उसको भी बताया गया, एवं विद्यार्थियों को अपने गावं, रिस्तेदारो को भी नशा छोडने तथा जो नशा करते है उन्हें जागरूक करने की समझाईस दिया गया, तथा मोबाईल के नशा से अपने आप को बचा कर रखने की समझाईस कॉलेज के बच्चो को दिया गया नशा से होने वाली गम्भीर बिमारी के बारे में बच्चों का अवगत कराया गया तथा नशा से होने वाली जनहानि नशा से होने वाली बिमारी से खर्चे का बोझ के संबंध में जानकारी दी गई, निजात अभियान में पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही करने से एवं लोगो को नशे के खिलाफ काउसलिंग करने से अपराधों के ग्राफ में लगातार निरंतर गिरावट आयी है संगीन अपराध जैसे चाकूबाजी, हत्या लूट, डकैती, आदि अपराधों में कमी होने के संबंध में कॉलेज स्टूडेंट को जानकारी दी गई,

नशा करने से किस प्रकार परिवार में पारिवारिक कलह एवं परिवार टूटने की स्थिति में पहुच जाता है उस संबंध में विस्तार से बताकर नशा न करने की समझाईस दिया गया और नशे के खिलाफ बच्चो को जागरूक करने की समझाई दिया गया नशा किस प्रकार से व्यक्ति के मानसिक स्थिति को खराब कर देता है नशा के कारण व्यक्ति किस हद तक अपने आप को गिरा देता है, तथा नशे से होने वाले नुकसान के संबंध में बताया गया, नशा कर वाहन चलाने से जो दुर्घटनाए घटित होती है, जिससे किस प्रकार परिवार बिखर जाता है, एवं किय प्रकार जनहानि होती है के संबंध में बच्चो को बताया गया तथा बच्चो को निजात अभियान के तहत अपने परिवार, रिस्तेदारो एवं दोस्तो में व्यापक प्रचार प्रसार करने की समझाईस दिया गया है, एवं लोगो का जागरूक कर प्रोत्साहित करने के लिए प्रेरित किया गया ।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।