बिलासपुर। लूतरा शरीफ स्थित सूफ़ी-संत हजरत बाबा सैय्यद इंसान अली शाह की दरगाह का विकास मास्टर प्लान के तहत किया जाएगा। इस संबंध में दरगाह इंतेजामिया कमेटी के पदाधिकारियो की आवश्यक बैठक रविवार को कमेटी के चेयरमेन इरशाद अली की अध्यक्षता में हुई। दरगाह में आने वाले जायरीनों की सुविधा, परिसर की साफ-सफाई, विकास कार्य सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। दरगाह के व्यवस्थित विकास के लिए मास्टर प्लान बनाए जाने के लिए जानकर इंजीनियरों की मदद ली जाएगी। दरगाह शरीफ का व्यवस्थित विकास कैसे हो इस बात को लेकर कमेटी के सभी सदस्यों ने आपस में राय मशविरा कर कार्यकारिणी की बैठक में तमाम तरह के प्रस्तावों को मंजूरी दी। दरगाह परिसर में व्याप्त समस्याओं को दूर करने राज्य सरकार और जिला प्रशासन के सहयोग से तमाम बुनियादी सुविधाएं जुटाने का प्रयास किए जाने का निर्णय लिया गया। तत्काल में दरगाह परिसर में शासन के सहयोग से 50 लाख रुपए की लागत से सर्व सुविधा युक्त मुसाफिर खाना का तामीर कराया जाएगा।जिसके लिए आवश्यक विभागीय प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके अलावा दरगाह परिसर से लेकर मुख्य मार्ग तक 1 किमी की चौड़ी स्लैब युक्त आरसीसी नाली का निर्माण कराया जाएगा ताकि दरगाह परिसर में अनावश्यक रूप से पानी का जमाव ना होने पाए। इसके लिए इस्टीमेट तैयार किया जा चुका है। निस्तारी एवं पीने के लिए जगह-जगह रखी पानी की टंकियों से बह रहे पानी के कारण यहां की इमारतें और फर्श खराब हो रहे हैं इसलिए कार्यकारिणी ने यह तय किया है यह संबंध में डिप्टी सीएम पीएचई मंत्री से मिलकर यहां 1 लाख लीटर की पानी टंकी का निर्माण कराए जाने की मांग करेंगे। जिसका कनेक्शन दरगाह, मस्जिद, मदरसा सहित लंगर खाने में दिया जाएगा। इससे अनावश्यक पानी की बर्बादी पर जहां अंकुश लगेगा वहीं परिसर भी साफ सुथरा बना रहेगा। इसी तरह श्रद्धालुओं के यहां ठहरने के लिए एक सर्वसुधियुक्त भवन तैयार कराया जाएगा जिसमें से आकर जायरीन रुक सकेंगे। श्रद्धालुओं की दिनों दिन बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखकर उनकी सुविधाओ के लिए कई ऐसे निर्णय लिए गए हैं जिससे कि यहां अव्यवस्था ना फैले और पूर्व की तरह श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानीयों का सामना ना करना पड़े। स्थानीय ग्राम पंचायत लूतरा के सहयोग और आने वाले श्रद्धालुओं की मदद से यहां व्यवस्थित विकास कराया जाएगा। इसको लेकर जिला कलेक्टर से भी चर्चा की जा चुकी है। दरगाह की ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है इसलिए जायरीनों के लिए यहां साफ-सफाई पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। लगातार यहां के स्थानीय दुकानदारों और पंचायत के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर साफ-सफाई को बढ़ावा दिया जा रहा है। मदरसे में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए दक्ष टीचरों को नियुक्त किया जाएगा ताकि बच्चे न सिर्फ उर्दू,अरबी बल्कि इंग्लिश,गणित और उनकी रुचि के सब्जेक्ट भी पढ़ सकें। पढ़ाई के साथ साथ उन्हें रोजगार मूलक शिक्षा भी देने का निर्णय लिया गया है। दरगाह की बाउंड्री वॉल के सामने आकर्षक डेकोरेशन का कार्य कराया जाएगा ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को न सिर्फ आध्यात्मिक सुकून मिले, बल्कि सौंदर्यीकरण की दृष्टिकोण से भी उन्हें यहां लाभ मिले। महिला और पुरुषों के लिए सर्व सुविधायुक्त शौचालय का निर्माण एनटीपीसी के सौजन्य से कराया जाएगा इसके लिए एनटीपीसी प्रबंधन से चर्चा चल रही है। बैठक में दरगाह लूतरा शरीफ इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष इरशाद अली,उपाध्यक्ष मोहम्मद सिराज रायपुर,सचिव रियाज अशरफी सीपत,सह सचिव गुलाम रसूल साबरी रायगढ़, कोषाध्यक्ष रोशन खान लूतरा,मेंबर व मुस्लिम जमात लुतरा शरीफ के सदर हाजी अब्दुल करीम बेग लुतरा, फिरोज खान खादिम दादी अम्मा खम्हरिया, हाजी मोहम्मद जुबेर महमूद रायपुर, महबूब खान कोरबा, मोहम्मद कुद्दुस कुरैशी चांटीडीह एवं अब्दुल रहीम खान चांपा मौजूद रहे।

गौरव पथ की तर्ज पर सड़क बनाने शासन को डेढ़ करोड़ का भेजा प्रस्ताव

सीपत बलौदा मुख्य मार्ग से गार्डन की दोनों ओर से दरगाह तक गौरव पथ के तर्ज पर सड़क का निर्माण कराने शासन से पत्रव्यवहार किया गया है। सड़क के निर्माण में लगभग डेढ़ करोड़ का खर्च आएगा इसमें बिजली, नाली और पाथवे भी शामिल है।

गणतंत्र दिवस में कमेटी चलाएगी पेन का लंगर

दरगाह इंतेजामिया कमेटी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर मदरसा फौजाने बाबा इंसान अली शाह में ध्वजारोहण के बाद “एक रोटी कम खाओ, लेकिन बच्चों को खूब पढ़ाओ” का संदेश देते हुए निशुल्क पेन कॉपी का लंगर चलाया जाएगा।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।