बिलासपुरः आज दिनांक 18 जनवरी 2024 को सी.एम.डी. टेक फेस्ट का सी. एम. दुबे स्नातकोत्तर महाविद्यालय में रंगारंग शुभांरभ किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय अजय कुमार यादव, बिलासपुर रेंज, पुलिस महानिरीक्षक थे एवं विशिष्ठ अतिथि डॉ. एस. आर. कमलेश, प्राचार्य, शासकीय बिलासा कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डॉ. एस. के. निराला, शासकीय जे. पी. वर्मा कला एवं वाणिज्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डॉ. श्रीमती ज्योतिरानी सिंह, ई. राघवेन्द्र राव, विज्ञान महाविद्यालय थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता शासी निकाय अध्यक्ष डॉ. संजय दुबे जी ने की।

मुख्य अतिथि माननीय अजय कुमार यादव जी का स्वागत शासी निकाय के अध्यक्ष डॉ. संजय दुबे जी ने किया एवं विशिष्ठ अतिथियों का स्वागत श्री अमन दुबे, डॉ. राजकुमार पंडा, डॉ. कमलेश जैन एव ंबी. एड. प्रभारी श्रीमती अंजली चतुर्वेदी के द्वारा किया गया।

महाविद्यालय के द्वारा लगभग 53 मॉडल प्रस्तुत किए गए जो छात्रों के द्वारा स्वयं निर्माण किया गया था और इस मॉडल के लिए मार्गदर्शन उनके विभागीय प्राध्यापकों के द्वारा किया गया। सी.एम.डी. टेक फेस्ट में प्रमुख रुप से ब्लाइंड स्टीक, ग्लोबल वार्मिग, लावा लैम्प, घरेलू गैस लिकेज, पोर्टेबल माइक्रो स्कोप, स्मार्ट होम, गुगल अस्सिटेंट एलेक्सा, लेजर होम सिक्यूरिटी, एसिड रैन, वाईल्ड लाईफ, बॉयो डार्वसिटी, नो यूवर एटानॉमी, आई डोनेशन, इफेक्ट ऑफ फिजिकल एक्साईज फॉर कॉडियो, आई.ओ.टी बेस्ड स्वाईल, रेपिड बेस्ड डोर लॉक सिक्योरिटी सिस्टम, डीप इरिगेशन, ऑगेनिक फार्मिग, मशरुम कल्टीवेशन, अरपा नदी उद्गम, वॉटर साईकिल, कार्बन प्यूरीफिकेशन, बॉयो फ्यूल सिटी एवं खाने-पीने की वस्तु की जांच हेतु सुविधा, अंध विश्वास से संबंधित केमिकल रिएक्शन छात्रों के द्वारा बखूबी प्रस्तुत किया गया।

मुख्य अतिथि माननीय अजय कुमार यादव जी ने प्रत्येक मॉडलों के बारे छात्र-छात्राओं से जानकारी ली एवं उनके द्वारा मॉडल से संबंधित प्रश्न पूछे, जिसका जवाब छात्र-छात्राओं के द्वारा बखूबी रुप से दिया। मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में कहां कि हमें समयानुसार कार्य को संपादित करना चाहिए, अगर समय एक बार चला जाएगा तो दुबारा उसे प्राप्त नही किया जा सकता है। उन्होनें कहां कि आराम हराम है छात्र-छात्राओं को अपने जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अटूट रुप से मेहनत कराना चाहिए। छात्र-छात्राएं अपने रुचि के अनुसार अपने क्षेत्र का चुनाव कर सकते है जैसे किसी को शोध क्षेत्र में जाना है तो वे शोध संबंधी कार्य कर सकते है। किसी को अगर व्यवसाय में जाना है तो भी वह पढ़ाई के माध्यम से अच्छे व्यावसायी बन सकते है इसके लिए जीवन का लक्ष्य सर्वप्रथम निर्धारित किया जाना आवश्यक है।

शासी निकाय अध्यक्ष डॉ. संजय दुबे जी ने कहां कि आज मुझे प्रसन्नता हो रही है कि महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के द्वारा 53 मॉडल तैयार किए गए जो कि हमारे जीवन को सुगम बनाते है। छात्र-छात्राओं को जिस तरह से पढ़ाई लिखाई के साथ-साथ अतिरिक्त कार्य के रुप में अपने मॉडल बनाकर महाविद्यालय को एक पहचान दी है। उन्होंनें छात्र-छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहां कि प्रत्येक मॉडल अपने आप में सर्वोपरि है किसी भी मॉडल को कम आंका नही जा सकता। छात्र-छात्राओं का प्रत्येक मॉडल छात्र-छात्राओं का, शिक्षकों का मार्गदर्शन करता है। तथा उन्होनें ने यह भी कहां कि सी.एम.डी. टेक फेस्ट प्रतिवर्ष महाविद्यालय में आयोजित किया जाएगा एवं छात्र-छात्राओं को इसके लिए आर्थिक मदद भी की जाएगी।

सी.एम.डी. टेक फेस्ट में अतिथियों को वणिज्य विभाग के द्वारा एम.एस.सी. एवं बी.एस.सी. के मॉडल, प्रबंध विभाग के द्वारा घरों में एक साथ लाईट जलाना एवं बंद करने के मॉडल, रसायन विभाग के द्वारा पीलिया रोग में शरीर से पीला रंग निकालना, झाड़-फूक से संबंधित अंधविश्वासों से बिना किसी साधन के बाबाओं के द्वारा आग कैसे लगाया जाता है, बॉयोटेक विभाग के द्वारा मॉडल से बॉयो गैस के माध्यम से शहर को किस तरह से रोशन किया जा सकता है, बॉटनी विभाग के द्वारा मशरुम का उत्पादन करना, फिजिक्स विभाग के द्वारा एक ब्लाइंड स्टीक का निर्माण किया गया है यह स्टीक रास्ते में आने वाले अवरोध के बारे में आवाज से जागरुक करता है भूगोल विभाग के द्वारा नदियों के उद्गम पर्वत पठार और डैम को प्रदर्शित किया मॉडलों को खूब सराहा गया।

सी.एम.डी. टेक फेस्ट में प्रदर्शित मॉडलों का प्रदर्शन लगातार 3 दिनों तक चलेगा। किसी भी महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उक्त मॉडल के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है।

प्रदर्शित मॉडलों में जो मॉडल सर्वश्रेष्ठ पाए गए है उन्हें पेटेंट के लिए आवश्यक कार्यवाही करते हुए इसे भारत सरकार के पास प्रेषित किया जाएगा ताकि भविष्य में इसका व्यापक कार्य किया जा सके।

आज के मॉडल प्रदर्शन में जूलॉजी, बॉयो केमेस्ट्री, बॉयो टेक, बॉटनी, फिजिक्स, माइक्रो बॉयोलॉजी, कम्प्यूटर साइंस, भूगोल विभाग,वाणिज्य इत्यादि विभागों के छात्र-छात्राओं के द्वारा मॉडल प्रस्तुत किए गए।

सी.एम.डी. टेक फेस्ट में प्रदर्शित समस्त मॉडल प्रभारी प्राचार्य डॉ. संजय सिंह के निर्देशन में तैयार किए गए।

आज के कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. राजकुमार पंडा, डॉ. कमलेश जैन, प्रशांत गुप्ता सुनील मिश्रा डॉ. श्रीमती विभा सिंह ठाकुर, डॉ. श्रीमती हर्षा शर्मा, डॉ. एस. सी. बाजपेयी, डॉ. आदित्य दुबे, डॉ. श्रीमती स्मृति पान्डेय, डॉ. एस. पावनी, श्री रोहित लहरे, के.एस. राजपुत, प्रशांत गुप्ता, इत्यादि प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों का सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।