नक्सलियों को शहीद कहने वाली सुप्रिया श्रीनेत से प्रेस वार्ता करवाने में छत्तीसगढ़ कांग्रेस को शर्म क्यों नहीं आई: धरमलाल कौशिक

मणिपुर की बात करने वाली सुप्रिया बताए,साहू समाज के बेटे की निर्मम हत्या के बाद कांग्रेस के मुख्यमंत्री , गृह मंत्री,विधायक श्री ईश्वर साहू के घर क्यो नही गए: धरमलाल कौशिक

महंगाई पर झूठ बोलने वाली सुप्रिया जान ले यूपीए के समय औसत मंहगाई 8 प्रतिशत,जबकि मोदी सरकार में केवल 5 प्रतिशत रही:धरमलाल कौशिक

छत्तीसगढ़ के पत्रकारों के सवालों को अभद्र बताकर सुप्रिया ने यहां के सम्माननीय पत्रकारों का अपमान किया:धरमलाल कौशिक

बिल्हा विधायक एवं पूर्व नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता व सोशल मीडिया विभाग की अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत की छत्तीसगढ़ में हुई प्रेस वार्ता पर तीखा हमला किया है धरमलाल कौशिक ने कहा कि कांग्रेस के लोगों को शर्म नहीं आई ,उन्होंने छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के मारे जाने के बाद उन्हें शहीद बताने वाली सुप्रिया श्रीनेत की छत्तीसगढ़ में प्रेस वार्ता करवाई।

श्री कौशिक ने कहा कि यह करके कांग्रेस ने इस बात को स्पष्ट कर दिया कि छत्तीसगढ़ के सारे नेता सुप्रिया के साथ है व नक्सलियों को शहीद मानते हैं और कहीं ना कहीं छत्तीसगढ़ कांग्रेस और भूपेश बघेल के कहने पर ही सुप्रिया ने यह बयान दिया था श्री कौशिक ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पत्रकारों का भी सुप्रिया ने अपमान किया , उनके सवालों को अभद्र बताया ।छत्तीसगढ़ के पत्रकार अभद्र नहीं है हां जरूर सुप्रिया जी आपको अपने अंदर झांकने की जरूरत है आप क्या है?

श्री कौशिक ने कहा सुप्रिया ने छत्तीसगढ़ आकर मणिपुर की बात कर रही थी उन्हें यह बताना चाहिए था की कांग्रेस शासन में बिरनपुर में साहू समाज के भुनेश्वर साहू की निर्ममता से हत्या की गई तब कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री ,भूपेश बघेल ,गृहमंत्री उस क्षेत्र के विधायक कांग्रेस का कोई नेता ,कार्यकर्ता श्री ईश्वर साहू का दुख बांटने क्यों नहीं गया।

श्री कौशिक ने यह भी सवाल पूछा की महंगाई पर लोगों को झूठ बोलने वाली सुप्रिया महंगाई के आंकड़े सामने रखती तो उन्हें खुद भी शर्म आ जाती क्योंकि देश में यूपीए सरकार के 10 वर्षों में महंगाई की औसत दर 8% रही है जबकि कोरोना की भयंकर आपदा के बावजूद मोदी सरकार में औसत महंगाई की दर केवल 5 प्रतिशत ही रही।

श्री कौशिक ने कहा कि कांग्रेस को किसानों की हितैषी मानने वाली और बताने वाली सुप्रिया ने जनता को यह बताना चाहिए था कि 10-10 साल में किसानों को एमएसपी पर कितना भुगतान सरकारों ने किया है केवल धान की एमएसपी पर खरीद से मोदी सरकार ने 12 लाख करोड रुपए से ज्यादा का भुगतान किसानों को किया है जबकि कांग्रेस ने केवल चार लाख करोड़ रूपया किया था। कांग्रेस की राज्य सरकार 5 वर्षों तक किसानों को गांधी परिवार की जयंती पर तरसा तरसा कर किस्तों में पैसा देती थी लेकिन विष्णु देव सरकार उन्हें एकमुश्त राशि दे रही है सुप्रिया को पहले तो छत्तीसगढ़ आना ही नहीं चाहिए था लेकिन अगर वह आई तो उन्हें अपने नक्सलियों को शहीद बताने वाले बयान पर माफी मांगनी चाहिए थी जो कि उन्होंने नहीं मांगी उल्टा उन्होंने यहां के पत्रकारों के सवालों को अभद्र ठहराकर पत्रकार जगत का भी अपमान किया।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।