दो पुरुष और एक महिला समेत कुल 3 आरोपी ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के हिमगिर क्षेत्र से हिरासत में लिए गए, ग्रामीण क्षेत्र में लोगो को झांसा देने ले रखे थे कई सिम कार्ड

आरोपियों से भारी मात्रा में नकली सोने चांदी के जेवर समेत फर्जी सिम कार्ड , मोबाइल हैंडसेट और ठगी से खरीदी गई संपत्ति भी बरामद

विगत दिनांक 03.05.2024 को ग्राम बिजरवार गौरेला जीपीएम निवासी आवेदक पूरन लाल राठौर पुलिस थाना गौरेला में रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि घटना दिनांक 01.05.2024 को अज्ञात व्यक्तियों के द्वारा कम दाम में सोना देने का प्रलोभन देकर उससे दो लाख रुपये लेकर उसे नकली सोने का जेवर देकर फरार हो गये हैं । पीड़ित की शिकायत पर थाना गौरेला जीपीएम में अपराध पंजीबद्ध किया गया । तफ्तीश पर जब समझ आया कि ये एक प्लान्ड तरीके से गिरोह द्वारा किया गया अपराध है तो
अपराध की गंभीरता के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता के द्वारा अति0 पुलिस अधीक्षक श्री ओम चंदेल के मार्गदर्शन में एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस श्याम कुमार सिदार के सुपरविजन में थाना गौरेला एवं सायबर सेल जीपीएम की संयुक्त टीम को आरोपियों की शिनाख्तगी और पता साजी हेतु लगाया गया। मामले की इन्वेस्टिगेशन दौरान पीड़ित के बताए विवरण के अनुरूप जब स्थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों को सिलसिलेवार चेक किया गया तो पता चला इनके द्वारा ओवरब्रिज के पास डेरा लगाया गया था जिसके बाद इन अज्ञात आरोपियों के संबंध में और जानकारी एकत्रित की गई जिसमे पुलिस टीम को ज्ञात हुआ कि उक्त अपराध में तीन पुरुष एवं एक महिला शामिल हैं जिनके आने जाने का ट्रैक इत्यादि की तकनीकी आधार पर तफ्तीश करने पर पता चला कि सभी आरोपी अनूपपुर मध्यप्रदेश की ओर से गौरेला आए थे एवं अपराध करने के बाद बिलासपुर की ओर निकल गए थे।

ठगी का तरीका वारदात

अन्वेषण दौरान आरोपियों से पूछताछ पर पता चला कि इनके गिरोह के मूलतः इनके परिवार के सदस्य ही रहते हैं जो सब पहले कांच काटने के काम के बहाने से किसी स्थान पर डेरा लगाते हैं फिर नज़दीक के किसी अन्य जिले या क्षेत्र में जाकर ग्रामीणों से पहले किसी स्वास्थ्य संबंधी या आकस्मिक परेशानी बताकर सोने के बदले पैसे मांगते हैं जिस दौरान पहली बार में कम दाम में असली सोना बेचकर विश्वास जीत लेते हैं फिर अगली बार पुनः उस व्यक्ति से ज्यादा मात्रा में नकली सोने के जेवर देकर बड़ी रकम हासिल करते हैं। इस तरह कम दाम में सोना बेचने का लालच देकर ग्रामीणों से ठगी करते हैं।

जीपीएम के गौरेला में भी इन्होंने पहले रेलवे स्टेशन के पास डेरा लगाया उसके बाद इस घटना को अंजाम दिया । बहरहाल जीपीएम पुलिस की टीम द्वारा इन्हे साइबर सेल की मदद से ट्रैक करते हुए जिला सुंदरगढ़ ओडिशा स्थित हिमगिर क्षेत्र से हिरासत में ले लिया गया है जहां ये पूर्व की तरह हिमगीर के दैनिक बाजार में डेरा लगा कर रहते पाए गए। आरोपियों में से दो पुरूष आरोपी और एक महिला आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर इन्होंने अपना ठगी करने का तरीका बताया तथा पूर्व में गौरेला क्षेत्र में को गई ठगी के पैसों से खरीदे गए असली जेवर, मोबाइल हैंडसेट तथा एयरटेल, वोडाफ़ोन आईडिया के विभिन्न सीम कार्ड को बरामद किया गया हैं जिन्हे कूटराचित दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त करने की जानकारी मिली है। जानबूझकर पीड़ित का विश्वास जीतने उसे अपना मोबाइल नंबर देते जो फर्जी रहता था।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की जानकारी

 प्रभु सोलंकी पिता नत्थू सोलंकी उम्र 35 वर्ष पता शांतिपारा गतवापारा भिलाई 03 थाना खुर्सीपार जिला दुर्ग (छ.ग.)
 लक्ष्मण राठौर पिता हीरालाल उम्र 28 वर्ष पता वार्ड न.05 इंद्रानगर थाना डोंगरगढ़ जिला राजनांदगांव (छ.ग.)
 श्रीमति सीता सोलंकी पति विष्णु सोलंकी उम्र 30 वर्ष पता वार्ड न.05 इंद्रानगर थाना डोंगरगढ़ जिला राजनांदगांव (छ.ग.)
फरार आरोपी
उत्तरप्रदेश निवासी अरविंद नामक लड़का

आरोपियों के कब्जे से जप्त शुदा सामग्री का ब्यौरा

 आरोपी प्रभु सोलंकी के कब्जे से 18 जोड़ी नकली चांदी का पायल, 04 नग चांदी का सिक्का, 01 नग चांदी का बाजूबंद, 01 नग चांदी का जुड़ा, नकली सोने की मोती माला, एक जोड़ी सोने का टॉप्स, एक नग सोने का मंगलसूत्र, नगदी 2000 रुपये, चार नग मोबाइल हैंडसेट, 07 नग एयरटेल कम्पनी का सीम कार्ड

 आरोपी लक्ष्मण राठौर के कब्जे से नगदी एक हज़ार रुपये, 07 नग एयरटेल एवं वोडाफ़ोन आईडिया कम्पनी का सीम कार्ड

 महिला आरोपी सीता सोलंकी के कब्जे से चार नग चांदी का सिक्का, 13 नग नकली चांदी की पायल, 01 नग सोने का टॉप्स, 29 जोड़ी नकली चांदी की बिछिया, 01 किलोग्राम नकली सोने की मोतीनुमा माला, चार नग मोबाइल हैंडसेट, ठगी के पैसों से ख़रीदे 05 नग ने साड़ी बरामद किया गया ।
मामले के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी व माल मशरूका की बरामदगी में प्रभारी थाना गौरेला निरीक्षक सौरभ सिंह और उप निरीक्षक सुरेश ध्रुव ने नेतृत्व किया साथ ही उप निरी. राम निवास राठौर महिला सेल जीपीएम से प्रधान आर. सत्या बिसेन एवं सायबर सेल प्रभारी उनि सुरेश ध्रुव, सउनि मनोज हनोतिया, प्रधान आर. रवि त्रिपाठी,चौपाल कश्यप, आरक्षक राजेश शर्मा, सुरेन्द्र विश्वकर्मा, दुष्यंत कुमार, महेन्द्र परस्ते की भी सक्रिय भूमिका रही ।

मामले में इनके द्वारा इस्तमाल किए गए सिम कार्ड और मोबाइल की जांच भी की जा रही है और राज्य के अन्य जिलों से संपर्क कर डिटेल्स शेयर की जा रही है ताकि ऐसी वारदातों के हर मामले में पीड़ित को राहत मिल सके।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।