युनुस मेनन रतनपुर

शिक्षा सत्र 2023 24 में संस्था में कुल 118 बच्चे अध्धयनरत जिसमे प्रथम श्रेणी में 37, द्वितीय श्रेणी में 42 सहित कुल 79 बच्चे सफलता प्राप्त करते हुए कक्षा का प्रतिशत 66.95% रहा।

जिसमे नगर प्रथम स्थान आकिब अली 92.5%
वैभवी कमलसेन 92.5%

10th में द्वितीय स्थान हिमांशी यादव 92.%
10th में तृतीय स्थान सुनिधि सोनी 86.5%
10th में चतुर्थ स्थान प्रिया पटेल 86.33%
10th में पंचम स्थान शालिनी साहू 85.83%
10th में षष्ठम स्थान अन्नपुर्णा कहरा 85.33% प्राप्त किए है। इसी तरह 12वी कुल 143 बच्चे अध्धयन रत जिसमे प्रथम श्रेणी में 56, द्वितीय श्रेणी में 66 सहित कुल 122 बच्चे सफलता प्राप्त करते हुए कक्षा का प्रतिशत 85.31% रहा।


जिसमे जीवविज्ञान में टॉपर निशु कश्यप 82.2%,
12th गणित टॉपर चंचल 80.4%
12th कला टॉपर शकुंतला केवट 76.66% रहे।
उत्कृष्ठ प्रदर्शन पर प्राचार्य,बोर्ड प्रभारी, कक्षा शिक्षक , विषय शिक्षक सहित सभी स्टाफ ने सभी छात्राओं को बधाई एवम उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामना दिए है।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।