रायगढ़ । लैलूंगा पुलिस द्वारा किशोर बालिका को बदनाम करने और परिवारवालों को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने वाले आरोपित युवक हर्षित यादव निवासी पत्थलगांव (जशपुर) को आज गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है । घटना को लेकर पिछले साल 01 अगस्त 2023 में बालिका के पिता द्वारा थाना लैलूंगा में आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी लड़की का पत्थलगांव के हर्षित यादव से फेसबुक में परिचय हुआ । हर्षित यादव आये दिन लडकी पर भद्दे और अश्लील कमेंट्स कर परेशान करने लगा था जिसकी जानकारी लड़की अपने माता-पिता को बताई । लड़की के पिता ने हर्षित को मोबाइल पर कॉल कर समझाया किन्तु हर्षित नहीं माना और उसके बाद लड़की को और परेशान करने लगा । 01 अगस्त 2023 को हर्षित कॉल कर लड़की की शादी दूसरे के साथ नहीं होने दूंगा कह कर धमकी दिया और बदनामी से निजात पाने के लिये घरवालों से रूपयों की मांग करने लगा । लड़की के पिता के लिखित आवेदन पर थाना लैलूंगा में आरोपित हर्षित यादव के विरूद्ध अप.क्र. 226/2023 धारा 506, 509, 384, 386 आईपीसी तथा 12 पॉक्सो एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है । दूसरी ओर आरोपित को अपराध पंजीबद्ध होने की जानकारी मिलने पर फरार हो गया । पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग कुमार पटेल द्वारा क्राइम मीटिंग पर फरार आरोपी की शीघ्र पतासाजी, गिरफ्तारी के निर्देश एसडीओपी धरमजयगढ़ एवं थाना प्रभारी लैलूंगा को दिया गया था । निर्देशों के पालन में थाना प्रभारी लैलूंगा निरीक्षक राजेश जांगडे द्वारा फरार आरोपी की पतासाजी के लिये आरोपी के गांव आसपास आरोपी की सूचना देने मुखबीर लगाकर रखा गया था । कल मुखबीर सूचना पर आरोपी को उसके गांव के पास से हिरासत में लेकर थाना लाया गया । आरोपी हर्षित यादव उर्फ हेंमत यादव पिता निधि यादव उम्र 21 साल निवासी ग्राम महुआटिकरा पत्थलगांव, जिला जशपुर (छ0ग0) से पूछताछ कर महत्वपूर्ण साक्ष्य की जप्ती कर उसकी विधिवत गिरफ्तारी कर रिमांड पर भेजा गया है ।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।