रिपोर्ट..राकेश मिश्रा..25.06.2026..रायपुर.. छत्तीसगढ़ के उचित मूल्य दुकान संचालकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर शासकीय राशन दुकानदार एवं विक्रेता कल्याण संघ ने राज्य सरकार के समक्ष मोर्चा खोल दिया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष देवर्ष भाई सापरिया, प्रदेश महासचिव विजय धृतलहरे एवं कार्यकारी अध्यक्ष विजय राठौर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव को 7 सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की।
संघ पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की 14,109 उचित मूल्य दुकानों के संचालक लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले 20 वर्षों में राशन दुकानदारों के कमीशन में एक पैसे की भी वृद्धि नहीं हुई है, जबकि समय-समय पर नई जिम्मेदारियां लगातार बढ़ाई जाती रही हैं। इसके अलावा मध्याह्न भोजन, पूरक पोषण आहार, अमृत नमक, मार्जिन मनी तथा अन्य योजनाओं की बकाया राशि का भुगतान भी समय पर नहीं हो रहा है।

प्रतिनिधिमंडल ने खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, संचालक फरिहा आलम सिद्दीकी एवं अन्य अधिकारियों से मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया। अधिकारियों ने मांगों पर सकारात्मक चर्चा करते हुए समाधान की दिशा में पहल का आश्वासन दिया। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि लंबित मार्जिन मनी भुगतान के लिए 14 करोड़ 93 लाख 17 हजार 986 रुपये की राशि जारी कर दी गई है, जिसे जिलों के खाद्य अधिकारियों के माध्यम से वितरित किया जाएगा।
संघ ने राशन वितरण में ओटीपी व्यवस्था बंद किए जाने पर भी चिंता जताई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय केंद्र सरकार स्तर पर लिया गया है। खाद्य मंत्री से मुलाकात नहीं होने पर प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव से भेंट कर समस्याओं से अवगत कराया, जिस पर उन्होंने शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि लंबित मांगों का जल्द निराकरण नहीं हुआ तो प्रदेशभर के राशन दुकानदार आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

