अपराध की जननी है नशा जिसे रोकने के ऐतिहासिक अभियान चला रहे हैं डीआईजी शशि मोहन जी….श्याम गुप्ता

मैंने अपने खून से नशामुक्ति के लिए रक्त शपथ कराया है पीड़ित परिवारों के दर्द समझता हूँ… श्याम गुप्ता

रायगढ़ / जब जब गांव हो या शहर हो अपराध की बढ़ोतरी हुई है इसके प्रमुख कारण क्षेत्र में अवैध नशे के व्यापार बढ़े हैं क्योंकि मुख्य नींव जड़ अपराध की जननी नशा है पिछले कई वर्षों से अवैध नशा गली मोहल्ले गाँव शहर में अपना व्यवसाय के बड़ा रूप ले चुका था इनके खिलाफ कार्यवाही न होने से हमारे जैसे सामाजिक कार्यकर्ता शासन पुलिस विभाग हो या आबकारी विभाग प्रश्न चिन्ह भी लगाते थे पर जब से पुलिस विभाग के कोहिनूर डीआईजी शशिमोहन सिंह जी की पोस्टिंग हुई है अवैध कारोबारी के हालात क्या है ये हम देख रहे हैं सबकी हालात खराब है लोग सट्टा जुआ नशे के अवैध व्यापार को छोड़ते जा रहे क्योंकि कार्यवाही के साथ साथ उन्हें एक अच्छे मार्गदर्शन भी आई पी एस ऑफिसर शशिमोहन सिंह जी दे रहे हैं जो अपराध से घृणा करो अपराधी से नहीं वो कहावत को सच साबित कर रहा है ये कथन प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश सचिव सामाजिक कार्यकर्ता श्याम गुप्ता ने कहा जो स्कूल कॉलेज गाँव शहर के माध्यम से छात्र छात्राओं को मार्शल आर्ट्स सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण के साथ साथ नशामुक्ति के लिए अपने खून से अपने शिष्यों के खून से वंदेमातरम युवा संकल्प अभियान के माध्यम 50 हजार युवाओं को रक्तशपथ कराया है जो अपने टीम के साथ तीन बार जनहित में बेहतरीन जनसेवा करने वाले आई पी एस ऑफिसर शशिमोहन सिंह जी को सम्मानित कर चुके हैं उन्होंने कहा हमारे रायगढ़ जिले को अच्छे आई पी एस ऑफिसर तो इसके पहले भी मिले पर अवैध कारोबारी के ऊपर ऐसे ताबड़तोड़ कार्यवाही करने वाले पहले ऑफिसर है जिनके नाम की दहशत अवैध काम करने वाले के चेहरे पर देखा जा सकता है हमारा प्रेस रिपोर्टर क्लब जनसेवक कोहिनूर आई पी एस ऑफिसर शशि मोहन सिंह जी को सैल्यूट करता है जो लागातार रचनात्मक जनसेवा कर रहे हैंl

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।