हर ब्लॉक में होंगे परीक्षा केन्द्र

सीजीपीएससी ने सभी विभागों से रिक्त पदों की मांगी जानकारी

रायपुर,

छत्तीसगढ़ सरकार की घोषणा के परिपालन में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) अपनी परीक्षाओं को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तर्ज पर सुव्यवस्थित करने जा रहा है। सीजीपीएससी ने भर्ती परीक्षाओं के लिए वार्षिक कैलेण्डर जारी करने के साथ ही राज्य के हर ब्लॉक में प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन के लिए परीक्षा केन्द्र स्थापित करने का भी निर्णय लिया है।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने शासन के सभी विभागों से आगामी तीन वर्षों में भरे जाने वाले रिक्त पदों की जानकारी मांग पत्र सहित देने को कहा है। विभागों से प्राप्त जानकारी के आधार पर आयोग द्वारा एक माह के भीतर परीक्षा आयोजन संबंधी कैलेण्डर जारी किया जाएगा।
    छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने देश के समस्त लोक सेवा आयोगों से पत्राचार कर उनके द्वारा विभिन्न चयन प्रक्रियाओं एवं भर्ती परीक्षाओं के लिए आयोजित की जाने वाली बेस्ट प्रैक्टिसेस के संबंध में जानकारी साझा करने का अनुरोध किया है। विभिन्न लोक सेवा आयोगों से प्राप्त जानकारी के आधार पर आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं को सुव्यवस्थित करने हेतु एक समिति का गठन किया जाएगा। गठित समिति के सुझाव के आधार पर बेस्ट प्रैक्टिसेस को अपनाने हेतु आयोग शीघ्र ही प्रभावी कार्ययोजना तैयार करेगा।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।