रिपोर्ट.. राकेश मिश्रा.. बिलासपुर.. शहर के सरकंडा स्थित मुक्तिधाम चांटीडीह रोड पर संचालित मार्क हॉस्पिटल में शनिवार को उस समय हंगामे की स्थिति निर्मित हो गई, जब आईसीयू में भर्ती एक मरीज के गिरकर घायल होने की सूचना पर परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। घटना ने निजी अस्पतालों द्वारा सातों दिन 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा सेवा देने के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, पाली के मुनगाडीह निवासी बालकृष्ण डिक्सेना ने अपने पिता लक्ष्मी प्रसाद डिक्सेना को डायलिसिस के लिए तीन दिन पहले मार्क हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। लक्ष्मी प्रसाद पिछले दो दिनों से आईसीयू में भर्ती थे। बालकृष्ण डिक्सेना ने आरोप लगाया कि शनिवार सुबह उन्हें अस्पताल प्रबंधन की ओर से सूचना दी गई कि उनके पिता सुबह करीब 8 बजे बेड से उठे और सामने रखे ऑक्सीजन सिलेंडर से टकराकर गिर गए, जिससे उनके सिर और पेट में चोट आई है।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने घटना की जानकारी तत्काल देने के बजाय इसे छिपाने का प्रयास किया और काफी देर बाद सूचना दी। बालकृष्ण डिक्सेना का कहना है कि जब उन्होंने घटना को लेकर नाराजगी जताई तो अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें शांत रहने की बात कहते हुए आश्वासन दिया कि मरीज का पूरा उपचार कराया जाएगा और बाद में बैठकर मामले को सुलझाया जाएगा।

घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल में परिजनों ने जमकर हंगामा किया। इस पूरे मामले को लेकर जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा गरेवाल से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। उन्होंने मामले की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है। अब इस घटना को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *