बिलासपुर..छत्तीसगढ़ के महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक, किसान नेता, साहित्यकार और पृथक छत्तीसगढ़ राज्य की अवधारणा के प्रमुख प्रवर्तक पंडित खूबचंद बघेल की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिवसेना जिला अध्यक्ष रेवती यादव सहित सामाजिक एवं राजनीतिक पदाधिकारियों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। सभा को संबोधित करते हुए शिवसेना जिला अध्यक्ष रेवती यादव ने कहा कि पंडित खूबचंद बघेल केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता, किसान हितों और सामाजिक न्याय के प्रबल समर्थक थे। उनका पूरा जीवन त्याग, सेवा और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि पंडित बघेल के विचार आज भी छत्तीसगढ़ के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास के लिए प्रेरणादायी हैं।

वक्ताओं ने कहा कि पंडित खूबचंद बघेल ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में चलाए गए स्वतंत्रता आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया तथा ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए कई बार जेल गए। ग्रामीण क्षेत्रों में राष्ट्रीय चेतना और स्वदेशी भावना का प्रसार करने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। पंडित खूबचंद बघेल ने छत्तीसगढ़ की भाषा, संस्कृति और पहचान के संरक्षण के साथ किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की। पृथक छत्तीसगढ़ राज्य की आवश्यकता को प्रमुखता से उठाने के कारण उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य आंदोलन के जनक के रूप में भी सम्मानपूर्वक याद किया जाता है। साहित्य और सामाजिक चिंतन के क्षेत्र में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।

कार्यक्रम में सिद्धेश्वर पाटनवार, इंजीनियर लक्ष्मी गहवई, श्याममूरत कौशिक, कृष्ण कुमार कौशिक, क्रांति साहू, दिनेश लहरे, दिनेश कौशिक, विजय पालके, डॉ. संतोष कौशिक, टीकम सिंह, राजेंद्र वर्मा, सूर्या प्रकाश कश्यप, संजू भोला, दिलीप जी, घनश्याम कश्यप, डॉ. सुनील कुमार यादव सहित बड़ी संख्या में सामाजिक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

रिपोर्ट..राकेश मिश्रा..9827171483
