अस्थाई जगह देने मार्किंग की गई, दुकानों में जाकर शिफ्टिंग की जानकारी दी गई 

आबंटन के लिए लाटरी सिस्टम तैयार किया गया था पर नहीं पहुंचे दुकानदार 

बिलासपुर-शहर की बहुप्रतीक्षित योजना इमलीपारा जंक्शन निर्माण का रास्ता अब साफ हो गया है। मान.हाईकोर्ट के आदेश के परिपालन में नगर निगम ने व्यावसायियों के व्यवस्थापन के लिए पुराने बस स्टैंड परिसर में आज लगभग 100 स्थानों का लेआउट तैयार किया।

व्यापारियों को अस्थाई जगह देने के लिए उक्त स्थान पर मार्किंग की गई,जहां स्थाई व्यवस्थापन होने तक व्यापारी आबंटित स्थान पर अपनी व्यवस्था कर व्यावसाय कर सकते हैं।

इसके बाद निगम द्वारा मीटिंग करने और लाटरी सिस्टम में भाग लेने के लिए दुकानदारों को बुलाया गया था,पर दुकानदारों के नहीं पहुंचने पर निगम का पूरा अमला ही सभी दुकान पहुंच गए।जिसमें भवन शाखा,बाजार शाखा,जोन क्रमांक 5 और स्मार्ट सिटी की संयुक्त टीम ने प्रभावित होने वाले सभी दुकान पहुंचकर निगम द्वारा किए जा रहे प्रयास के बारे में जानकारी देते हुए सहयोग की अपील की गई।

इसके अलावा अस्थाई जगहों के आबंटन के लिए निगम ने लाटरी सिस्टम तैयार किया था,जिसमें भाग लेने कोई भी दुकानदार नहीं पहुंचे। इसके बाद नगर निगम की टीम के द्वारा सभी दुकानों में पहुंचकर दो दिन में अपने स्वयं से अपने सामानों की शिफ्टिंग कर लेने पर चर्चा की करते हुए प्रशासन को सहयोग करने की अपील की गई है।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।