एक बार फिर नगर निगम ने अवैध दुकानों पर कार्यवाही शुरू कर दी है।यही वजह है की नगर निगम ने मंगलवार को इमलीपारा रोड राजा रघुराज सिंह स्टेडियम के पीछे के चार दुकानों को सील कर दिया।क्योंकि पिछले काफी दिनों से इन दुकानों को अवैध रूप से कब्जा कर निगम को आर्थिक राजस्व का नुकसान पहुंचा रहा था

।इन चार दुकानों में दो पूर्व पार्षद तैय्यब हुसैन और दो दुकान अनिल कबाड़ी की थी जिन्हें नगर निगम के अमले ने रघुराज सिंह स्टेडियम के पास पहुंचकर दुकान को सील किया गया। इन दुकानों को सील करने में खासतौर पर पूर्व पार्षद के तैय्यब हुसैन द्वारा काबिज दुकान को खाली कराकर निगम ने अपने कब्जे में लिया।गौरतलब है की पिछले काफी समय से इन अवैध दुकानों को खाली करने के लिए नगर निगम ने कई दिनों पहले इन्हें नोटिस दिया था।जिसके बाद निगम के द्वारा यह कार्यवाही की गई है

फिजिकल कल्चरल सोसायटी की दुकान को अवैध कब्जे से निगम ने कराया मुक्त

बिना अनुमति के संचालित था कैरम क्लब,नशे का बन चुका था अड्डा

राजा रघुराज सिंह स्टेडियम में है दुकान

कब्जे से मुक्त कराकर दुकान फिजिकल कल्चरल सोसायटी को सौंपा गया

राशि नहीं पटाने पर तीन और दुकानों को किया गया सील

बिलासपुर-फिजिकल कल्चरल सोसायटी की दुकान को खरीदें बगैर बिना अनुमति के अवैध कब्जा करके कैरम क्लब संचालित किया जा रहा था,जिस पर बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर निगम ने आज उक्त दुकान को कब्जे से मुक्त कराया और सामान को जब्त कर लिया। कब्जे से छुड़ाने के बाद दुकान को फिजिकल कल्चरल सोसायटी को सौंपा गया। राजा रघुराज सिंह स्टेडियम के पीछे की तरफ इमलीपारा मार्ग में स्टेडियम की दुकानें हैं,जिस पर स्टेडियम को संचालित करने वाली फिजिकल कल्चरल सोसायटी का आधिपत्य है। उक्त दुकानों को 2011 में नीलामी के ज़रिए बेचा गया था। इनमें से एक दुकान पर बिना अनुमति और खरीदी के कुछ लोगों के द्वारा कैरम क्लब संचालित किया जा रहा था,जहां देर रात तक असामाजिक तत्वों का जमावड़ा और नशाखोरी की जाती थी। आज निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार के निर्देश पर नगर निगम के अतिक्रमण विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए उक्त दुकान को अवैध कब्जे से मुक्त कराया और सामान को जब्त कर लिया। विदित है की इस दुकान पर काफी वर्षो से कब्जा किया गया था,जहां कैरम क्लब के नाम पर असमाजिक तत्वों का जमावड़ा हमेशा रहता था। आस-पास के रहवासी भी इस क्लब से परेशान थे।

राशि नहीं पटाने पर तीन और दुकान सील

कार्रवाई के तहत निगम ने स्टेडियम के ही तीन दुकान जिसमें 10,11, और 13 नंबर की दुकानों को राशि नहीं पटाने पर सील कर दिया है। उक्त दुकानदारों को राशि पटाने की मोहलत दी गई है,तब तक दुकानें सील रहेगी। 2011 में नीलामी के दौरान अनिल पाण्डेय,धीरज पाण्डेय और धनेश पाण्डेय द्वारा तीन दुकानें नीलामी के ज़रिए खरीदी गई थी,जिसके बाद उक्त व्यक्तियों द्वारा राशि नहीं जमा किया गया था,बार बार नोटिस और कार्रवाई करने पर आधी राशि दी गई थी,शेष राशि इन तीनों द्वारा नहीं जमा की गई है। जिस पर कार्रवाई करते हुए निगम ने दुकानदारों की मौजूदगी में सील कर दिया है तथा निगम की नियम और शर्तों के अनुरूप राशि जमा करने का अवसर दिया गया है,तब तक दुकानें सील रहेगी।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।