कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बनाई गई कार्ययोजना

छात्रों को कला और रचनात्मक गतिविधियों का दिया जाएगा प्रशिक्षण

कैंप में ग्रामीण बच्चों को कराया जाएगा शहर भ्रमण

सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए समर कैंप आयोजित किए जाने को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किए है। इस संबंध में कलेक्टर अवनीश शरण ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक ली और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होेंने जिला स्तर पर समर कैंप आयोजित करने के निर्देश देते हुए समर कैंप में सुदूर क्षेत्रों के स्कूली बच्चों और विशेष रूप से आदिवासी बच्चों को शामिल किए जाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया और बेहतर क्रियान्वयन के लिए कार्य योजना बनाने कहा।


मंथन सभा कक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को एक यादगार अनुभव समर कैंप के जरिए देने हर संभव प्रयास किए जाएं। कलेक्टर ने जिला स्तरीय समर कैंप में सुदूर क्षेत्रों के स्कूली बच्चों को शहर भ्रमण के तहत एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, मॉल, प्लेनेटोरियम, तरण पुष्कर और अन्य मनोरंजक क्षेत्रों का भ्रमण कराने के साथ ही बच्चों को फिल्म दिखाने के लिए कहा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि समर कैंप में बच्चों के लिए मनोरंजक और ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया जाए जिससे बच्चे नई विधा सीख सकें, जिसमे खेलकूद प्रशिक्षण, ड्राइंग, डांस, माटी शिल्प, कहानी लेखन, वादन, हस्तलिपि और अन्य प्रशिक्षण दिया जा सकता है। कलेक्टर ने समर कैंप के आयोजन के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को समिति बनाकर जिम्मेदारी देने कहा।निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार को कलेक्टर ने जिला स्तरीय समर कैंप के आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आवश्यक समन्वय स्थापित करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा बनाने के निर्देश दिए। जिला स्तरीय समर कैंप बहतराई स्टेडियम में 21 मई से 9 जून तक आयोजित किया जाएगा जिसमें जिले के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के 2 सौ छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।


समर कैंप का आयोजन तीन स्तरों पर किये जायेंगे। जो स्कूल स्तर, संकुल स्तर, और जिला स्तर पर आयोजित होंगे। स्कूलों में होने वाला समर कैंप पूर्णतः ऐच्छिक होेगा जिसका समय सुबह 7 बजे से साढ़े 9 के बीच होगा। कक्षा पहली से लेकर बारहवीं तक के बच्चे अपनी रूचि के अनुरूप नजदीक के स्कूलों में आयोजित गतिविधियों में हिस्सा ले सकेंगे। कलेक्टर अवनीश शरण की अध्यक्षता में आयोजित बैठक मेें कैंप आयोजन की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री आरपी चौहान, प्रभारी शिक्षा अधिकारी पी दासरथी, आदिवासी विभाग के सहायक आयुक्त सीएल जयसवाल, शिक्षा विभाग से डॉ. अनिल तिवारी, अजय कौशिक सहायक संचालक, श्रीमती अनुपमा राजवाड़े डीएमसी, एपीसी रामेश्वर जयसवाल, अमित श्रीवास्तव एपीसी समग्र शिक्षा बैठक में मौजूद रहे। जिला स्तरीय समर कैंप के आयोजन के संबंध में शिक्षा विभाग द्वारा विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, संकुल समन्वयक, विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक व प्राचार्यो की आवश्यक बैठक 15 मई दोपहर 12 बजे प्रार्थना सभा भवन जल संसाधन विभाग में आयोजित की गई है।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।