बिलासपुर। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के चलते संभावित वैश्विक तेल संकट को लेकर देशभर में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री द्वारा पेट्रोल-डीजल की बचत करने की अपील के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। जहां कई जनप्रतिनिधि ईंधन बचाने के लिए अपने वाहनों और काफिलों में कटौती कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
मस्तूरी विधानसभा से कांग्रेस विधायक दिलीप लहरिया ने प्रधानमंत्री की अपील पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार को पहले से यह अंदेशा था कि तेल संकट गहराने वाला है, तो इसके लिए पहले से वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि आज लोगों से पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील की जा रही है

कल को सरकार यह भी कह सकती है कि एक साल तक नहाना बंद कर दीजिए और पानी बचाइए। उन्होंने कहा कि जनता पर लगातार नई-नई जिम्मेदारियां और पाबंदियां डालना किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।
दिलीप लहरिया ने कहा कि केंद्र सरकार को संकट की स्थिति आने से पहले दीर्घकालिक योजनाएं बनानी चाहिए थीं, ताकि आम जनता को परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल अपीलों और संदेशों के जरिए हालात संभालने की कोशिश कर रही है। विधायक के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्मा गया है। अब इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
